अधिवक्ताओं के हड़ताल पर एसडीएम ने तोड़ी चुप्पी
YAMUNAPAR/PRAYAGRAJ: कोरांव के अधिवक्ताओं द्वारा आए दिन हड़ताल करने की नीति पर अपनी खामोशी तोड़ते हुए उपजिलाधिकारी आकांक्षा सिंह ने बताया कि कोरांव तहसील में सेवारत कुछ अधिवक्ता अपने निजी स्वार्थ की वजह से आए दिन दबाव बनाने के लिए हड़ताल का सहारा लेते रहते हैं। ऐसा कर वे क्षेत्र के तमाम फरियादियों और वादकारियों के हित को प्रभावित करने का काम करते हैं। इनके अतीत पर गौर करें तो ये अधिवक्ता पूर्व में भी अन्य अधिकारियों के समय में भी अनवरत हड़ताल के हथियार का उपयोग करते रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी के समक्ष विधिसम्मत कार्य करने की ही विवशता होती है। हम किसी भी हालत में कानून का अतिक्रमण नहीं कर सकते। इन परिस्थितियों में टकराव अवश्यंभावी हो जाता है। तहसील में सेवारत कुछ अधिवक्ता वास्तविक रूप में विधि व्यवसाय करने वाले हैं, मगर इन हल्ला बोल अधिवक्ताओं के आगे उनकी भी नहीं चलती। ऐसे में सर्वाधिक वादकारियों का हित प्रभावित होता है। यदि अधिकारी कुछ करना भी चाहता है तो वे न्याय कक्षों में तालाबंदी कर उनके मंसूबों पर पानी फेर देते हैं। एसडीएम ने कहा कि बेवजह अनावश्यक रूप से हड़ताल कर फरियादियों और वादकारियों के हित को प्रभावित करने वाले अधिवक्ताओं के विरुद्ध यदि कोई आचार संहिता नहीं बनती है तो अधिकारियों का कार्य करना मुश्किल हो जाएगा। एसडीएम ने अधिवक्ता संघ और उच्चाधिकारियों से इस अस्वस्थ परंपरा को समाप्त करने के लिए आवश्यक रणनीति बनाने की अपील की है।







