Home उत्तर प्रदेश बाढ़ प्रभावित जनजीवन और रोकथाम के उपायों पर हुई विस्तृत चर्चा

बाढ़ प्रभावित जनजीवन और रोकथाम के उपायों पर हुई विस्तृत चर्चा

चलें गांव की ओर’ कार्यक्रम में ग्रामीणों ने रखे अपने विचार, समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर
FATEHPUR NEWS:  ग्राम जयरामपुर गुरगौला में रविवार को तथागत शिक्षा एवं सेवा समिति के बैनर तले ‘चलें गांव की ओर’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित जनजीवन, ग्रामीणों के सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं तथा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए रोकथाम एवं बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बहन सुश्री रत्नेश रत्नाकर ने की। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर पड़ता है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन, खेती-किसानी, पशुधन की सुरक्षा, पेयजल तथा दैनिक जरूरतों से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होकर सहयोग की भावना से आगे आने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र में बाढ़ के दौरान होने वाली समस्याओं को प्रमुखता से रखा। ग्रामीणों ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय से राहत सामग्री, सुरक्षित आवागमन, पेयजल, पशुओं के लिए चारा तथा जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही बाढ़ से पहले संभावित प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर आवश्यक तैयारियां किए जाने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीणों ने बाढ़ की रोकथाम के लिए जल निकासी की समुचित व्यवस्था, नालों एवं जलभराव वाले स्थानों की नियमित सफाई तथा संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक प्रबंध किए जाने की आवश्यकता बताई। वक्ताओं ने कहा कि आपदा के समय जागरूकता और सामूहिक सहयोग से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान भविष्य में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित परिवारों तक समयबद्ध तरीके से राहत एवं आवश्यक सहायता पहुंचाने तथा ग्रामीणों को आपदा से बचाव के प्रति जागरूक करने पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सामने लाने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना रहा। इस अवसर पर मनोज, मुन्ना, रामसुमेर, विष्णु, गंगाराम, आत्माराम, सीताराम, धर्मवीर, गुलज़ार, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।