Home उत्तर प्रदेश अभी तो कलाई पर सजी थी रक्षासूत्र की डोर, बंद कमरे में...

अभी तो कलाई पर सजी थी रक्षासूत्र की डोर, बंद कमरे में खामोश हो गई जांबाज थानेदार की सांसें

बस्ती में एसएचओ सूर्य प्रकाश सिंह ने लगाई फांसी

SIDHARTHNAGAR BASTI NEWS: अभी चंद रोज पहले ही घर-आंगन में बहनों ने भाई की कलाई पर लंबी उम्र की कामना के साथ रक्षासूत्र बांधा था, हंसी-खुशी का माहौल था, लेकिन किसे पता था कि रक्षाबंधन की यह खुशियां इतनी जल्दी मातम में बदल जाएंगी। बस्ती जिले के वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का शव शनिवार देर शाम कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उनके सरकारी आवास के बंद कमरे में फंदे से लटकता मिला। इस हृदयविदारक खबर के सामने आते ही पुलिस महकमे से लेकर परिजनों तक कोहराम मच गया और हर आंख नम हो गई। सूचना मिलते ही जिले के आला पुलिस अधिकारी भारी मन से मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को नीचे उतारकर विधिक प्रक्रिया शुरू की। हंसमुख और सौम्य छवि वाले एक जांबाज पुलिस अफसर के इस तरह अचानक चले जाने से हर कोई सन्न है। सहकर्मी और परिचित यह सोचकर स्तब्ध हैं कि जो इंसान हर मुश्किल में मुस्कुराता रहता था, उसने आखिर किस मजबूरी या गहरे दर्द के चलते खुद को मौत के हवाले कर दिया। सूर्य प्रकाश सिंह का जुड़ाव केवल बस्ती तक सीमित नहीं था; सिद्धार्थनगर जिले में भी उन्होंने लंबा समय बिताया था। वहां शोहरतगढ़ क्षेत्र की कोटिया चौकी इंचार्ज और फिर त्रिलोकपुर थाने के थानाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जनता के दिलों में अपनी खास जगह बनाई थी। मिलनसार स्वभाव और न्यायप्रिय कार्यशैली के चलते वह जहां भी रहे, लोगों का स्नेह पाया।
त्योहार की मिठास अभी पूरी तरह मिटी भी नहीं थी कि आए इस मनहूस समाचार ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। आखिर वह क्या वजह थी जिसने एक होनहार अधिकारी को यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, यह सवाल हर जुबान पर है। फिलहाल पुलिस प्रशासन सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रहा है, लेकिन सूर्य प्रकाश सिंह का यूं खामोशी से विदा हो जाना महकमे और उनके चाहने वालों को गहरा जख्म दे गया है।