सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों ने दिखाई भारतीय संस्कृति की विविधता, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को किया नमन
PRAYAGRAJ NEWS: सेंट मैरीज कॉन्वेंट इंटर कॉलेज, 32 थॉर्नहिल रोड में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुश्री अवंतिका मनोहर ने ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की गौरवशाली विरासत और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को याद किया। इस अवसर पर प्रबंधक महोदया सिस्टर सुमिता, प्रधानाचार्या आदरणीया सिस्टर लिसी, उपप्रधानाचार्या आदरणीया सिस्टर कविता, मुख्य अतिथि सुश्री अवंतिका मनोहर, शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए एकता एवं राष्ट्र निर्माण के आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समारोह में ‘क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं?’ विषय पर विशेष सभा आयोजित की गई। विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों और वर्तमान समाज की चुनौतियों को उजागर किया गया, जो वास्तविक स्वतंत्रता के मार्ग में बाधा बनी हुई हैं। चारों हाउस के विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस की थीम पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। ग्रीन हाउस ने ‘फ्रीडम स्ट्रगल’ के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को नृत्य के जरिए प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। येलो हाउस ने ‘सल्यूट टू ब्रेव हार्ट्स’ के माध्यम से देश के वीरों को श्रद्धांजलि दी। रेड हाउस ने ‘द सोल ऑफ इंडिया’ के जरिए भारतीय संस्कृति, परंपराओं और देशप्रेम की सुंदर झलक प्रस्तुत की। ब्लू हाउस ने ‘कल्चरल डायवर्सिटी ऑफ इंडिया’ के माध्यम से भारत की विविध संस्कृतियों और अनेकता में एकता को नृत्य द्वारा दर्शाया।
प्रतियोगिताओं में ग्रीन हाउस ने ट्रॉफी जीती। प्रथम उपविजेता ब्लू हाउस तथा द्वितीय उपविजेता रेड हाउस रहा। मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में विद्यार्थियों को देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने तथा ईमानदारी, अनुशासन और एकता के साथ राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। समारोह के अंत में मिठाइयां वितरित की गईं। पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों और तिरंगे से सजा हुआ था। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के मन में राष्ट्र के वीरों के प्रति कृतज्ञता तथा भारत की प्रगति के लिए समर्पण की भावना को और मजबूत किया।








