Home उत्तर प्रदेश विभाजन विभीषिका को कभी नहीं भूलेंगे भारतवासी : कमलावती सिंह

विभाजन विभीषिका को कभी नहीं भूलेंगे भारतवासी : कमलावती सिंह

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भाजपा ने किया त्रासदी का स्मरण, निकाला मौन जुलूस

विभाजन की दर्दनाक स्मृतियां राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए देती हैं प्रेरणा : अन्नू श्रीवास्तव

बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
FATEHPUR NEWS: भारतीय जनता पार्टी द्वारा शुक्रवार को जेल रोड स्थित जिला पार्टी कार्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राज्य महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह उपस्थित रहीं। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कमलावती सिंह ने कहा कि वर्ष 1947 में हुआ भारत का विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि असंख्य परिवारों के सपनों, संबंधों और संवेदनाओं का भी बिखराव था। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें उस अकल्पनीय पीड़ा को स्मरण करने, उससे सीख लेने तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश देता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने की। उन्होंने विभाजन की विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि विभाजन की पीड़ादायक स्मृतियां हमें सदैव सशक्त, संगठित और अखंड भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करती रहेंगी। कार्यक्रम का संचालन संयोजक मधुराज विश्वकर्मा ने किया। इस दौरान पुष्पराज पटेल, पंकज त्रिवेदी, सुनीता गुप्ता, नीरज सिंह, अपर्णा सिंह गौतम, उदय लोधी, कुलदीप भदौरिया, पंकज त्रिपाठी, प्रवीण कुमार सिंह, विमलेश पांडेय, धर्मेंद्र सिंह, सुधीर मिश्रा, रेखा सरोज, ओम मिश्रा, प्रसून तिवारी, सुमित द्विवेदी, उमेश गुप्ता, सुरेंद्र सोनकर, संजय श्रीवास्तव, अभिजीत भारतीय, अमित शिवहरे, जसवंत गिहार, संजय गुप्ता, मंजू शुक्ला, पंकज मिश्रा, स्वरूप राज सिंह जूली, वैभव द्विवेदी, देवनाथ धाकड़े, अवधेश मिश्रा, दीपक द्विवेदी, गौरव अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
काली पट्टी बांधकर निकाला मौन जुलूस
संगोष्ठी के उपरांत भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर भारत विभाजन की विभीषिका का सांकेतिक विरोध किया। इसके बाद सभी जिला पार्टी कार्यालय से महाराजा अग्रसेन चौराहे तक मौन जुलूस के रूप में पहुंचे। इस दौरान विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और देश की एकता, अखंडता एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया गया।