राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बिखेर रहीं साहित्य की चमक, अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से हो चुकी हैं सम्मानित
FATEHPUR NEWS: (शीबू खान) साहित्य की समृद्ध परंपरा वाले जनपद फतेहपुर की प्रतिभाशाली युवा कवयित्री आकांक्षा द्विवेदी आज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक जगत में अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रही हैं। राष्ट्रकवि पद्मश्री पंडित सोहनलाल द्विवेदी की पौत्री होने के साथ उन्होंने अपनी मौलिक रचनाशीलता और प्रभावशाली लेखनी के दम पर अलग मुकाम हासिल किया है। उनकी कविताएं राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकार, नारी सशक्तिकरण और समकालीन विषयों को केंद्र में रखकर लिखी जाती हैं, जो पाठकों के हृदय को गहराई से स्पर्श करती हैं। फतेहपुर जनपद की बिंदकी निवासी आकांक्षा द्विवेदी का साहित्यिक सफर निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। साहित्य के प्रति समर्पण और सतत सृजनशीलता ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित साहित्यिक मंचों पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। अब तक उनके दो काव्य संग्रह और एक गीत संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उनका पहला काव्य संग्रह “भारत की बेटी” चर्चित अभिनेता एवं साहित्यकार आशुतोष राणा द्वारा प्रमोट किया गया, जबकि दूसरा काव्य संग्रह “जीवन मधुबन बन जाने दो” का लोकार्पण एवं प्रचार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी चेतन कुमार द्वारा किया गया। वर्ष 2025 में प्रकाशित गीत संग्रह “अक्षर-अक्षर नाम तुम्हारा” को भी साहित्य प्रेमियों का भरपूर स्नेह मिला। आकांक्षा द्विवेदी की कविताएं, कहानियां, लेख और समीक्षाएं देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ ही अमेरिका से प्रकाशित हिंदी पत्रिका ‘हम हिंदुस्तानी’ सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रही हैं। उनकी लेखनी सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और राष्ट्रीय मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति मानी जाती है। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। अंतर्राष्ट्रीय हिंदी संस्थान कला संस्कृति, नोएडा ने उन्हें सुमित्रानंदन पंत पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त माटी संस्थान, फतेहपुर द्वारा नवोदित कवयित्री प्रतिभा सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय संस्था काव्य सरिता तथा विभिन्न अखिल भारतीय साहित्यिक संस्थाओं द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्तर के अनेक कवि सम्मेलनों में उनकी प्रभावशाली प्रस्तुतियां सराही गई हैं। उनकी कविताओं का प्रसारण दूरदर्शन लखनऊ से दो बार तथा आकाशवाणी लखनऊ से भी हो चुका है। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने उन्हें देशभर के साहित्य प्रेमियों के बीच विशिष्ट पहचान दिलाई है। साहित्यिक गतिविधियों के विस्तार में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उत्तर प्रदेश साहित्य सभा ने उन्हें फतेहपुर का जिला संयोजक नियुक्त किया, जहां उन्होंने दो वर्षों तक साहित्यिक आयोजनों एवं युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। कवयित्री आकांक्षा द्विवेदी का मानना है कि साहित्य केवल शब्दों का सृजन नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने का माध्यम है। उनकी रचनाओं में वर्तमान समय की ज्वलंत समस्याओं, सामाजिक विसंगतियों और मानवीय मूल्यों का प्रभावी चित्रण देखने को मिलता है। उनकी ओजस्वी लेखनी समाज में सकारात्मक चेतना जगाने और लोगों को कर्तव्यपथ पर अग्रसर करने का संदेश देती है। फतेहपुर की इस उभरती साहित्यकार से साहित्य जगत को बड़ी उम्मीदें हैं। अपनी प्रतिभा, संवेदनशील लेखनी और निरंतर सृजन के बल पर आकांक्षा द्विवेदी हिंदी साहित्य की नई पीढ़ी की प्रमुख हस्ताक्षरों में तेजी से स्थान बना रही हैं।
संक्षिप्त परिचय
नाम: आकांक्षा द्विवेदी
जन्मस्थान: बिंदकी, जनपद फतेहपुर
परिचय: राष्ट्रकवि पद्मश्री पं. सोहनलाल द्विवेदी की पौत्री
प्रकाशित पुस्तकें: भारत की बेटी, जीवन मधुबन बन जाने दो, अक्षर-अक्षर नाम तुम्हारा (गीत संग्रह)
प्रमुख उपलब्धियां: राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में नियमित प्रकाशन, दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से प्रसारण, अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान, राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में सहभागिता।







