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आरक्षण ने बिगाड़ा निकाय चुनाव का खेल,किसी की बहु तो किसी की पत्नी संभालेंगी मोर्चा

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प्रयागराज। नगर निकाय चुनाव से पहले संभावित आरक्षण सूची जारी होने के बाद कई वार्डों की स्थिति में व्यापक बदलाव हो गया। इससे लंबे समय से पार्षद बनने का सपना संजोने वालों को झटका भी लगा है। इस बदलाव से कई सभासदों की अनारक्षित सीट या तो आरक्षित हो गई, या फिर महिलाओं के हिस्से में चली गई है।
बीते शुक्रवार को जारी की गई आरक्षण सूची ने समाजवादी पार्टी के पार्षदों को ज्यादा चैंकाया हैं। सपा के वरिष्ठ पार्षद अतहर रजा लाडले की सीट को महिला कर दिया गया है। हालांकि लाडले ने इसे साजिश बताया है। यह भी कहा कि जानबूझकर उनकी सीट का आरक्षण बदला गया। हालांकि उन्होंने कहा कि वह अपनी छोटी बहू को चुनावी समर में उतारेंगे। सपा के ही चकिया से कई बार पार्षद रह चुके मोहम्मद आजम की सीट को भी आरक्षण में महिला कर दिया गया है। इसी प्रकार सपा के कुछ अन्य पार्षदों की सीटों में भी नई आरक्षण सूची में बदलाव किया गया है। ऐसे में सपा नेताओं का आरोप है कि पार्टी नेताओं के समीकरण को बिगाड़ने के लिए इस प्रकार से परिवर्तन किया गया है। इससे सदन में सपा को मजबूत होने से रोकने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में नगर निगम में समाजवादी पार्टी के कुल 24 पार्षद हैं। कांग्रेस के पार्षदों ने भी आरक्षण सूची में किए गए बदलाव को देखते हुए अपने वार्ड में चुनाव लड़ने की रणनीति में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। ताकि मिनी सदन में उनकी दावेदारी बनी रहे। कांग्रेेस नेता और मेंहदौरी से पार्षद मुकुंद तिवारी का कहना है कि उनकी सीट महिला की गई है। ऐसे में वह अपनी पत्नी को इस बार चुनावी मैदान में उतारेंगे। दूसरी तरफ भाजपा के ज्यादातर पार्षदों की सीटों में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है। नई आरक्षण सूची के मुताबिक भाजपा से पार्षद दीपक कुशवाहा की हरवारा सीट पहले ओबीसी थी, जो इस बार हुए बदलाव के बाद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई है। इसी प्रकार प्रीतम नगर वार्ड में भी बदलाव करते हुए उसे महिला कर दिया गया है। अभी तक इस वार्ड से सरदार अमरजीत सिंह पार्षद हैं। जयंतीपुर वार्ड भी पहले ओबीसी था, इसमें बदलाव करते हुए उसे एससी कर दिया गया है। पुराना कटरा के पार्षद आनंद अग्रवाल की सीट भी महिला हो गई है। हालांकि आनंद ने कहा कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उनकी पत्नी सोनिका अग्रवाल चुनाव लड़ेंगी। वह पहले भी इस वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। नगर निगम द्वारा जारी की गई आरक्षण सूची में कई वरिष्ठ पार्षद की सीट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में वे इस बार भी चुनावी रण में अपनी ताल ठोंक सकते हैं। अलोपीबाग से कमलेश सिंह, इसी तरह से राजरूपपुर और ओमप्रकाश सभासद नगर के पार्षद भाई अखिलेश सिंह, मिथिलेश सिंह की सीट में भी बदलाव नहीं हुआ है। भाजपा पार्षद किरण जायसवाल की भी सीट में बदलाव नहीं किया गया है।