PRAYAGRAJ NEWS: संत संघ श्री सच्चा बाबा आश्रम, अरैल के महंत एवं संरक्षक स्वामी डॉ. चन्द्रदेव महाराज ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित है। इस माह गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करने, सोमवार का व्रत रखने तथा शिव मंत्रों का जाप करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। उन्होंने बताया कि सावन में अन्य देवी-देवता सुषुप्त अवस्था में रहते हैं, जबकि भगवान शिव जागृत रहते हैं। सावन की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत, पूजन और रुद्राभिषेक करने से जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास में चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिन पर विशेष पूजा-अर्चना का महत्व है।







