Home उत्तर प्रदेश डिअर से होगा विद्यालयों में पठन की संस्कृति का विकास

डिअर से होगा विद्यालयों में पठन की संस्कृति का विकास

KAUSHAMBI NEWS: विकासखंड के रामपुर धमावां संकुल में प्रत्येक माह के तीसरे मंगलवार आयोजित होने वाली मासिक शिक्षक संकुल बैठक  उच्च प्राथमिक विद्यालय नगियामई में शिक्षक संकुल विनोद तिवारी के नेतृत्व में आयोजित की गयी। शिक्षक संकुल दीपनारायण मिश्र ने बैठक में विभाग की ओर से  निर्धारित मासिक एजेंडे के अंतर्गत नई शैक्षिक पहलों पर विस्तार से चर्चा करते हुए इस माह के एजेंडे के अनुसार विभाग की तीन प्रमुख पहल  शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं का प्रभावी अनुपालन, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर के अनुरूप कैच-अप शिक्षण कार्यक्रम व डिअर (Drop Everything And Read) के माध्यम से पठन संस्कृति को बढ़ावा देने—पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में एआरपी ओमप्रकाश ने बताया कि कक्षा शिक्षण में 10 प्रमुख शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं का नियमित पालन किया जाएगा। इनमें सीखने के उद्देश्य स्पष्ट करना, पूर्व ज्ञान से जोड़ना, गतिविधि आधारित शिक्षण, सभी बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करना, प्रश्न पूछने की संस्कृति विकसित करना, समूह कार्य एवं सहयोगात्मक अधिगम, टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) का प्रभावी उपयोग, सतत मूल्यांकन एवं त्वरित फीडबैक, उपचारात्मक (रिमेडियल) शिक्षण व शिक्षक डायरी के माध्यम से नियमित शैक्षणिक योजना व समीक्षा शामिल हैं। बैठक में लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन (एल एल एफ) के ब्लॉक संयोजक नरेश ने  कैच-अप कार्यक्रम की उपयोगिता व संचालन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों के अधिगम स्तर में आई कमी को दूर करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने छात्र नामांकन, शत-प्रतिशत उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व कक्षा-कक्ष में शिक्षक डायरी, टीएलएम और प्रिंटरिच सामग्री के नियमित उपयोग पर विशेष बल दिया। एआरपी शालिनी जायसवाल ने बैठक में ड्राप एवरीथिंग एंड रीड (DEAR) गतिविधि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रतिदिन निर्धारित समय पर बच्चों को स्वैच्छिक पठन के लिए प्रेरित करने से उनमें पढ़ने की रुचि, भाषा कौशल, शब्द भंडार और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालयों में पुस्तक पठन का सकारात्मक वातावरण तैयार करने व कैच-अप कार्यक्रम और 10 प्रमुख शिक्षण प्रक्रियाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। बैठक में उपस्थित शिक्षकों को आगामी माह के संकल्प को एक्शन कार्ड में प्रदर्शित करने का अवसर भी दिया गया। सभी शिक्षकों ने विभागीय निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण, आनंददायी व बाल-केंद्रित शिक्षण वातावरण विकसित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नोडल शिक्षक संकुल संतोष कुमार , सरिता सिंह, अनिल कुमार, अनूप सिंह सहित संकुल के समस्त शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशक उपस्थित रहे।