SIDHARTHNAGAR NEWS: भारत-नेपाल सीमा से सटे कस्बा बढ़नी स्थित 50वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के कैंप में रविवार को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बॉर्डर पर तस्करी की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत आयोजित इस बैठक में पुलिस, एसएसबी और सीमावर्ती गांवों के ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान स्थानीय नागरिकों ने कस्बे में बेखौफ चल रहे नशे के अवैध कारोबार की शिकायत दर्ज कराई, जिसे क्षेत्राधिकारी ने बेहद गंभीरता से लिया। गोष्ठी के शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद, अपनी जीरो टॉलरेंस नीति और त्वरित कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले शोहरतगढ़ के तेजतर्रार क्षेत्राधिकारी (सीओ) मयंक द्विवेदी ने एसएसबी 50वीं वाहिनी के असिस्टेंट कमांडेंट संजय केपी की मौजूदगी में ढेबरुआ व बढ़नी चौकी पुलिस के जवानों के साथ अलग से एक गोपनीय बैठक की। इस बंद कमरे में हुई बैठक में सीओ मयंक द्विवेदी नशे के कारोबार को लेकर मातहतों पर बुरी तरह बिफर पड़े और लापरवाह पुलिसकर्मियों को आड़े हाथों लिया।
इस गोपनीय बैठक के दौरान क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने वहां उपस्थित ढेबरुआ पुलिस और बढ़नी चौकी पुलिस को बेहद सख्त लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि वे अपनी पुलिसिंग को तत्काल दुरुस्त करें। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि क्षेत्र में सक्रिय अवैध नशे के कारोबारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और इस अवैध धंधे पर तुरंत लगाम लगाई जाए। सीओ ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस पर तत्काल नियंत्रण नहीं हुआ, तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे पूर्व, मुख्य गोष्ठी में युवा पीढ़ी की बर्बादी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्राधिकारी ने उपस्थित ग्रामीणों और सुरक्षा समिति के सदस्यों से कहा था कि नशा एक ऐसा सामाजिक अभिशाप है जो पूरी युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने भावुक और गंभीर स्वर में कहा कि जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, जिन्हें पढ़-लिखकर अपने माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन करना चाहिए, वे अगर इस नशे के करीब चले गए तो उनका पूरा जीवन तबाह हो जाएगा। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की कि वे इस सामाजिक बुराई के खिलाफ समाज के लोगों को जागरूक करें और इस कृत्य के खिलाफ लामबंद हों। गोष्ठी के मुख्य चरण में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और बॉर्डर पार से होने वाली तस्करी को रोकने पर भी विस्तृत चर्चा की गई। क्षेत्राधिकारी ने सीमावर्ती गांवों के ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी स्थानीय समस्याएं सुनीं और सुरक्षा से जुड़े इनपुट सीधे पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों से साझा करने का आग्रह किया ताकि सीमा पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी और असिस्टेंट कमांडेंट संजय केपी के साथ ढेबरुआ थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गा प्रसाद, ऑपरेशन कवच के प्रभारी गौरव सिंह, एसएसबी के इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, बढ़नी चौकी इंचार्ज वीरेंद्र यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल, ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे।







