खुसूसी मुकर्रिर मौलाना आमिर मियां सफ़वी मिस्बाही क़िब्ला ने सुनाई क़र्बला की दास्तान
FATEHPUR NEWS: जनपद के धाता विकासखंड अंतर्गत हरचंदपुर (मजरे पुरमई) में ज़िक्र-ए-शोहदा-ए-कर्बला का आयोजन अंजुमन कमेटी हरचंदपुर की ओर से किया गया। ईशा की नमाज के बाद आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में गांव एवं आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं खुसूसी मुकर्रिर खानकाह-ए-चिश्तिया दीदारिया, करेली (प्रयागराज) से तशरीफ लाए हजरत मौलाना आमिर मियां सफवी मिस्बाही किबला ने अपने बयान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में हुई अजीम कुर्बानी का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि कर्बला का पैगाम इंसाफ, सब्र, सच्चाई, इंसानियत और दीन की हिफाजत के लिए हर तरह की कुर्बानी देने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि मुहर्रम गम, इबरत और आत्मचिंतन का महीना है तथा मुसलमानों को कर्बला की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। जलसे में शायर-ए-इस्लाम असगर रजा मुनव्वरी इलाहाबादी और अख्तर तबानी रायबरेली ने नात, मनकबत और कर्बला पर आधारित कलाम पेश किए। उनके भावपूर्ण कलाम को सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम के दौरान “या हुसैन”, “या रसूलुल्लाह” और “अल्लाहु अकबर” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने कर्बला के शहीदों की याद में दुआएं कीं और समाज में अमन, भाईचारा तथा इंसानियत कायम रखने का संदेश दिया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को कर्बला की महान कुर्बानी, उसके संदेश और इस्लामी शिक्षाओं से अवगत कराना है। कार्यक्रम का समापन मुल्क में अमन-चैन, आपसी सौहार्द और मानवता की भलाई के लिए विशेष दुआ के साथ हुआ।







