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ग्राम रोजगार सेवकों का फूटा गुस्सा, मांगों को लेकर डीसी मनरेगा कार्यालय का किया घेराव

मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन धरना देंगे रोजगार सेवक
FATEHPUR NEWS: विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवकों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेल्फेयर एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में रोजगार सेवकों ने डीसी मनरेगा कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन कर रहे रोजगार सेवकों ने कहा कि वर्ष 2006 से मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों में लगातार सेवाएं देने के बावजूद आज तक उनका नियमितीकरण नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में रोजगार सेवकों से व्यापक स्तर पर कार्य लिया जा रहा है, लेकिन इसके अनुरूप सुविधाएं और अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। रोजगार सेवकों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है। साथ ही कई जनपदों में 12 से 14 माह तक का मानदेय लंबित होने के कारण रोजगार सेवकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने, न्यूनतम 24 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित करने, नियमितीकरण, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, स्थानांतरण नीति लागू करने, मृतक आश्रित को नौकरी देने तथा ग्राम पंचायतों में सहायक सचिव अथवा ग्राम विकास सहायक के पद पर समायोजन सहित 10 प्रमुख मांगें शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो जनपद के सभी ग्राम रोजगार सेवक डीसी मनरेगा कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन के बाद रोजगार सेवकों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।