Home उत्तर प्रदेश डॉक्टर टी पी चतुर्वेदी, सिनियर प्रोफेसरपूर्व संकाय प्रमुख, दंत चिकित्सा संकाय, बीएचयू,

डॉक्टर टी पी चतुर्वेदी, सिनियर प्रोफेसरपूर्व संकाय प्रमुख, दंत चिकित्सा संकाय, बीएचयू,

राजभाषा नीतियों का अनुपालन करना हमारा नैतिक दायित्व:मीनाक्षी सिंह
नराकास (कार्यालय-1) की प्रथम छमाही बैठक संपन्न,
48 केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुख रहे उपस्थित
इलाहाबाद की गृह पत्रिका ‘प्रयागपुष्प’ के नवीनतम अंक का लोकार्पण
PRAYAGRAJ NEWS:  नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-1), इलाहाबाद की वर्ष 2026-27 की प्रथम छमाही बैठक मंगलवार को आयकर भवन के सभागार में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य आयकर आयुक्त एवं समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी सिंह (भा.रा.से.) ने की। बैठक में प्रयागराज स्थित 48 केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुख एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों के विभागाध्यक्षों का परिचय कराया गया। बैठक में सदस्य कार्यालयों की छमाही प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई तथा राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले 14 प्रकार के दस्तावेजों को द्विभाषी रूप में जारी करने के मामले में उत्तर मध्य रेलवे, महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) तथा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग अग्रणी रहे। वहीं हिंदी में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिंदी में देने संबंधी नियम-5 का अनुपालन केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन, प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, रक्षा लेखा नियंत्रक (पेंशन), प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा), मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय तथा आयकर विभाग द्वारा प्रभावी रूप से किया जा रहा है। बैठक में यह भी बताया गया कि सभी 48 सदस्य कार्यालयों में 90 प्रतिशत से अधिक पत्राचार हिंदी में हो रहा है, जबकि 26 कार्यालयों ने 95 प्रतिशत से अधिक पत्राचार का लक्ष्य प्राप्त किया है। अधिकांश कार्यालयों में हिंदी कार्यशालाओं एवं राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकों का नियमित आयोजन किया जा रहा है।
अध्यक्ष मीनाक्षी सिंह ने सदस्य कार्यालयों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राजभाषा नीतियों का अनुपालन करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि हमारा नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि नराकास का मंच विभिन्न कार्यालयों के बीच समन्वय, विचार-विमर्श और अनुभवों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिलती है। इस अवसर पर नराकास (कार्यालय-1), इलाहाबाद की गृह पत्रिका ‘प्रयागपुष्प’ के नवीनतम अंक का भी लोकार्पण किया गया। पत्रिका में राजभाषा संबंधी गतिविधियों के साथ-साथ डिजिटल डेटा संरक्षण, वित्तीय धोखाधड़ी, जोखिम संकेतक एवं हिंदी के उत्कृष्ट लेखों को स्थान दिया गया है। बैठक में विभिन्न सदस्य कार्यालयों के अधिकारियों ने राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विनीत कुमार श्रीवास्तव, दीपक कुमार, सुरेंद्र कुमार, रंजीत कुमार, सी.के. रस्यारा, लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) फराह दीबा, राजीव उमराव सहित विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आयकर विभाग की ओर से मानस मेहरोत्रा, शिव कुमार राय, मकरध्वज मौर्य, सोनम केसरवानी एवं प्रभात रंजन भी शामिल हुए। बैठक का संचालन सदस्य सचिव मकरध्वज मौर्य ने किया।