FATEHPUR NEWS: समाजवादी पार्टी कार्यालय में रविवार को राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके जीवन, व्यक्तित्व और समाज के प्रति योगदान पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बाबा साहेब वाहिनी के जिला अध्यक्ष डा अमित पाल ने की। उन्होंने अपने संबोधन में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भारतीय इतिहास की उन महान शासकों में शामिल हैं जिन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में जनकल्याण, महिला सशक्तिकरण और सुशासन की मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि राजमाता ने अपने प्रशासनिक कौशल, न्यायप्रियता और दूरदर्शिता से एक आदर्श शासन व्यवस्था स्थापित की, जिसकी चर्चा आज भी की जाती है। डा. अमित पाल ने कहा कि अपनी अद्वितीय परोपकारिता और जनसेवा के कारण अहिल्याबाई होल्कर को “लोकमाता” अर्थात जनता की माता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने देशभर में सैकड़ों मंदिरों, घाटों और धर्मशालाओं का निर्माण तथा जीर्णोद्धार कराया। वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर तथा सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और संरक्षण में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय माना जाता है। उन्होंने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई का जीवन सेवा, समर्पण और सामाजिक न्याय की भावना का प्रतीक है। वर्तमान पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। गोष्ठी का संचालन जिला महासचिव चौधरी मंजर यार ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व सांसद डा अशोक पटेल, रीता प्रजापति, एडवोकेट जगदीश सिंह, अनिरुद्ध यादव, देवेंद्र लोधी, मनोज यादव, एडवोकेट सुघर लाल यादव, हीरा लाल सही, रत्नेश रत्ना, नंदकिशोर पाल, नफीस उद्दीन, इसरार खान, सुहैल खान, श्रीचंद्र विश्वकर्मा, हेमू, शिव सिंह यादव, रिशु तिवारी, एडवोकेट संदीप श्रीमाली, अय्यूब खान, बी.के. साहू, एहतिशाम खान, वसीम अहमद, विवेक उमराव, रविंद यादव, एडवोकेट साबिर, इरफान खान, रामफल यादव, सत्यप्रकाश यादव, एहतेशाम उद्दीन, जितेंद्र पासवान, मोहम्मद उन्नाव, मोहम्मद लतीफ, अजय चौधरी, कुलदीप यादव, रोहित, शिवम यादव, कमलेश कुमार, रवि कुमार, दिनेश यादव सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता, जनसेवा और महिला सशक्तिकरण के मूल्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।







