Home उत्तर प्रदेश शिशु वाटिका में दिए गए संस्कार जीवनभर रहते हैं : हेमचंद्र जी

शिशु वाटिका में दिए गए संस्कार जीवनभर रहते हैं : हेमचंद्र जी

10 दिवसीय प्रांतीय शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग का नौवां दिन संपन्न
FATEHPUR NEWS: बिंदकी नगर के लंका रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित 10 दिवसीय प्रांतीय शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग के नौवें दिन क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र जी ने कहा कि शिशु वाटिका में बालकों को दिए गए संस्कार कभी मिटते नहीं हैं। यही संस्कार उनके जीवन को सफल, उज्ज्वल और राष्ट्रहित में समर्पित बनाते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। फतेहपुर की शैलजा सिंह ने मुख्य अतिथि हेमचंद्र जी का परिचय कराया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में हेमचंद्र जी ने कहा कि छात्रों का सर्वांगीण विकास करना ही शिशु वाटिका और विद्या भारती का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि विद्या भारती के देशभर में संचालित लगभग 25 हजार विद्यालय भारतीय जीवन दर्शन पर आधारित शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इन विद्यालयों में पंचकोशात्मक शिक्षा पद्धति के अंतर्गत अन्नमय कोश, प्राणमय कोश, मनोमय कोश, विज्ञानमय कोश तथा आनंदमय कोश के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इन पांचों कोशों के विकास के लिए शारीरिक शिक्षा, योग शिक्षा, संगीत शिक्षा, संस्कृत शिक्षा एवं नैतिक-आध्यात्मिक शिक्षा की व्यवस्था की गई है। शिशु वाटिका में बालक आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाती है और बालक अपनी मातृभाषा को सहज रूप से समझता है, इसलिए मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने से उसका समुचित विकास संभव हो पाता है। हेमचंद्र जी ने भारतीय दर्शन के मूल तत्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन अखंड और एकात्मक है तथा संपूर्ण सृष्टि एक ही तत्व का विस्तार है। उन्होंने प्रेम, सेवा, त्याग, कर्तव्यबोध, परस्पर पूरकता, कर्मवाद, पुरुषार्थ एवं मोक्ष जैसे भारतीय जीवन मूल्यों की भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों में राष्ट्रभक्ति, धर्म और संस्कृति आधारित शिक्षा दी जाती है, इसलिए आचार्यों को ईश्वर द्वारा समाज निर्माण के लिए चुना गया है। उन्होंने सभी शिक्षकों से ईमानदारी एवं समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक अयोध्या प्रसाद मिश्र, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अनिल गुप्ता, संभाग निरीक्षक अजय दुबे, प्रधानाचार्य बलराम सिंह, शिशु वाटिका प्रमुख विजय श्री सहित सभी आचार्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आयुषी सिंह ने किया जबकि आभार ज्ञापन प्रदेश निरीक्षक अयोध्या प्रसाद मिश्र ने किया। शिक्षक प्रशांत कुमार सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।