FATEHPUR NEWS: महर्षि विद्या मंदिर फतेहपुर में आयोजित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के अंतिम एवं तृतीय दिवस का शुभारंभ वैदिक गुरु परंपरा पूजन एवं भावातीत ध्यान के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एस. एन. मिश्र ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने उन्हें पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में प्रो. मिश्र ने कहा कि वैज्ञानिक युग में भौतिक संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी है, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से लोग अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल के बढ़ते उपयोग के कारण बच्चों में परिवार के प्रति आत्मीयता, चिंतन, समझ और विवेचन क्षमता प्रभावित हो रही है। बच्चे पुस्तकों के बजाय अधिक समय मोबाइल पर व्यतीत कर रहे हैं, जिससे उनकी स्मरण शक्ति पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को गौरवशाली भारतीय संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया, ताकि वे वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से मजबूत बन सकें। कार्यक्रम में शिक्षकों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा उन्हें जीवन में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया। प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने मूल्यांकन प्रक्रिया एवं रुचिकर तथा आनंददायक अधिगम प्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। शिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत किए गए मॉडल और प्रस्तुतीकरण जीवंत एवं आकर्षक रहे। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका मंजुला श्रीवास्तव के सेवानिवृत्ति अवसर पर उन्हें अंगवस्त्र एवं श्रीरामचरितमानस भेंट कर उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भावातीत ध्यान के साथ हुआ।







