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अधिवक्ता -डाक्टरों की हडताल खत्म,एसआरएन में मरीजों का उपचार शुरू जनहित – हीटवेव को देखते हुए जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की समाप्त

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प्रयागराज। मोतीलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज के  एसआरएन अस्पताल में बुधवार 20 मई को ट्रामा सेंटर में वकीलों और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच हुए बवाल के बाद लगातार तीसरे दिन जूनियर डॉक्टरों और अधिवक्ताओं की हड़ताल आज खत्म हो गयी।

http://20 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर किये गये सस्पेंड अधिवक्ताओं से विवाद के बाद तीसरे दिन हुई कार्रवाई /pratahkalexpress.in/20-जूनियर-रेजिडेंट-डॉक्टर-क/
वहीं वकीलों की अगर बात करें तो वकीलों ने आज तीसरे दिन अपना धरना खत्म कर दिया है।इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे (बबुआ ) के आश्वासन के बाद कानपुर प्रयागराज हाईवे पर जाम लगाकर बैठे वकीलों ने धरना खत्म कर दिया है। आरोपी डॉक्टरों के निलंबन के आश्वासन पर वकीलों ने अपना धरना खत्म कर दिया है। ‌वकीलों का कहना है कि अगर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है। तो वह दोबारा भी धरना प्रदर्शन शुरू करने को बाध्य होंगे।
मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल तीसरे दिन खत्म हो गयी है। जनहित और हीटवेव को देखते हुए जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की समाप्त। मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों से वार्ता के बाद हड़ताल से वापस आने को राजी हुए जूनियर डॉक्टर। शिक्षकों के समझाने और मरीजों के हित को देखते हुए, जूनियर डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
एस आर एन अस्पताल में सभी चिकित्सा सेवाएं सुचारू रूप से बहाल हो गई हैं,ताकि इस संकट की घड़ी में आम जनता को कोई असुविधा न हो। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा है, कि जूनियर डॉक्टर हमारे चिकित्सा परिवार की रीढ़ हैं,कहा है कि पुलिस या जिला प्रशासन द्वारा हमारे जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कोई भी एकतरफा, दमनात्मक या अनुचित कार्रवाई की जाती है, तो शिक्षक इसे मूकदर्शक बनकर बर्दाश्त नहीं करेंगे, यदि प्रशासन जूनियर डॉक्टरों का उत्पीड़न करता है तो मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन अपने जूनियर डॉक्टरों के संरक्षण के लिए हर आवश्यक और कड़ा कदम उठाने के लिए पूरी तरह से बाध्य होगा,
ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी व्यवधान की संपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस और जिला प्रशासन की होगी। डॉक्टरों ने पूरे प्रकरण को निष्पक्षता, संवेदनशीलता और सकारात्मक संवाद के माध्यम से सुलझाये जाने की मांग की है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  डॉ. दिलीप चौरसिया और सचिव डॉ. संतोष सिंह ने संयुक्त रूप से आज जारी विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है।