BHADOHI NEWS: (नितेश श्रीवास्तव) भदोही में शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष नामांकन अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), ज्ञानपुर में आयोजित इस अभियान में ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिक परिवारों और मुसहर समाज के 260 बच्चों का नामांकन कर उन्हें विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया। इस कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उनकी टीम, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश उपस्थित रहे। विभिन्न बस्तियों से 250 अभिभावकों के साथ बच्चों को बसों द्वारा नामांकन स्थल तक लाया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं आकांक्षा, मनीषा और विशाल नामक तीन बच्चों का प्रवेश पंजिका में अंकन किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के बच्चों को विद्यालयों से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना था कि ‘कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे’। जिलाधिकारी ने मुसहर समाज और ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन का निर्देश दिया। भदोही जनपद बच्चों के नामांकन में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, भदोही ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में ईंट भट्ठों पर कार्यरत श्रमिक परिवारों और मुसहर समाज के बच्चों की पहचान कर विशेष प्रयासों से उन्हें नामांकित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) और अन्य शैक्षिक सुविधाएं डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और प्रशासन का लक्ष्य है कि जनपद का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को ईंट भट्ठों, मुसहर बस्तियों और अन्य वंचित क्षेत्रों में लगातार संपर्क अभियान चलाकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि शिक्षा ही समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों को सम्मानजनक भविष्य प्रदान कर सकती है।







