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रॉयल सिटी में चला ‘ऑपरेशन सट्टा’, डेढ़ करोड़ का सोना और लाखों की नकदी बरामद

JHANSI NEWS: नगर  में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के काले कारोबार पर गुरुवार रात पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि पूरे झांसी में सनसनी फैल गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में स्वाट, चिरगांव, नवाबाद, शहर कोतवाली और सीपरी बाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए ऑनलाइन सट्टे के हाईप्रोफाइल सिंडिकेट की परतें उधेड़ दीं।
कार्रवाई की शुरुआत नवाबाद थाना से वांछित चल रहे इनामी आरोपी पप्पू यादव उर्फ चिकना, टप्पू पार्षद और पार्षद पति पंकज राय की तलाश से हुई। पुलिस ने सराफा बाजार सहित कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन असली धमाका तब हुआ जब पुलिस को शिवपुरी रोड स्थित रॉयल सिटी कॉलोनी से बड़ी सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरी कॉलोनी को घेर लिया। आने-जाने के रास्ते बंद कर दिए गए। रात के अंधेरे में अचानक हुई भारी पुलिस मूवमेंट से इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोग घरों की खिड़कियों और छतों से कार्रवाई देखते रहे। पुलिस सीधे एलआईजी बिल्डिंग के तीसरे माले पर पहुंची, जहां कथित तौर पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का ‘कंट्रोल रूम’ संचालित हो रहा था। कमरे के भीतर का नजारा देखकर पुलिस टीम भी दंग रह गई। वहां से ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल, दस्तावेज और लेनदेन के साक्ष्य बरामद हुए। इसके साथ ही भारी मात्रा में सोने के बिस्किट मिले, जिनकी कीमत करीब एक करोड़ 55 लाख रुपये आंकी गई। वहीं सौ-सौ के नोटों की गड्डियों में लगभग 20 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह रकम सट्टे के नेटवर्क में रोजाना होने वाले करोड़ों के खेल का हिस्सा हो सकती है। रातभर चली कार्रवाई के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस ने दो युवतियों — यशस्वी द्विवेदी और निशा — को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए। उन्होंने बताया कि इस पूरे सिंडिकेट को नगरा निवासी सुमित साहू, बृजेश, प्रभात अग्रवाल और अंकित संचालित कर रहे थे।
पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब इस नेटवर्क में स्वाट टीम में तैनात रहे सिपाही रजत का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। जांच आगे बढ़ी तो ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के पुराने मामलों में जेल जा चुके भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम भी कथित रूप से सामने आया, जिससे राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। सूत्रों का दावा है कि यह सिर्फ सट्टेबाजी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों के अवैध नेटवर्क, राजनीतिक संरक्षण और अंदरूनी सेटिंग का बड़ा खेल हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार युवतियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। कई संदिग्ध मोबाइल नंबर, बैंक खातों और लेनदेन की जांच भी शुरू कर दी गई है। झांसी में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क शहर में कितनी गहराई तक अपनी जड़ें जमा चुका था। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के पीछे छिपे बड़े चेहरों तक कब पहुंचती है।