BALRAMPUR NEWS: (कमाल खान) जनपद में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जज, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) डॉ. अफरोज अहमद की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जनपद के जिला एनवायरनमेंट मैनेजमेंट प्लान (District Environment Management Plan) पर विस्तृत एवं बिंदुवार चर्चा की गई तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता व्यवस्था की गहन समीक्षा
बैठक के दौरान जज द्वारा जनपद में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने विशेष रूप से एमआरएफ (Material Recovery Facility) प्लांट के संचालन, नगर निकायों में स्थापित कंपोस्ट पिट प्लांट की कार्यशीलता, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, सोर्स सेग्रीगेशन (कचरे का स्रोत पर पृथक्करण) तथा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की प्रगति का आकलन किया। जज ने निर्देशित किया कि कूड़ा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, ताकि पर्यावरणीय प्रदूषण को न्यूनतम किया जा सके तथा स्वच्छता के मानकों में सतत सुधार सुनिश्चित हो।
डोमेस्टिक सीवेज प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक में घरेलू अपशिष्ट जल (डोमेस्टिक सीवेज) के निस्तारण की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मा० जज ने निर्देश दिए कि सीवेज के समुचित प्रबंधन हेतु आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे जल स्रोतों के प्रदूषण को रोका जा सके।
जन जागरूकता एवं जनभागीदारी पर बल
बैठक में नगर निकायों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
विद्यालयों में आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, स्वच्छता संबंधी गतिविधियों एवं छात्रों की सहभागिता की सराहना की गई।
इसके साथ ही मोहल्ला समितियों के माध्यम से स्वच्छता अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने हेतु चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा करते हुए जज ने निर्देशित किया कि जनसहभागिता को और अधिक सशक्त किया जाए, ताकि स्वच्छता एक जन आंदोलन का रूप ले सके। बैठक के दौरान जज एनजीटी द्वारा सुआव नदी के जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई तथा इसके संरक्षण, पुनर्जीवन एवं स्वच्छता बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नदी के पुनर्जीवन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर
बैठक के अंत में जज ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिला पर्यावरण प्रबंधन योजना के लक्ष्यों को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी न्यायिक श्री शिव नारायण सिंह व संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं नगर निकायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।







