Home आस्था श्री कृष्ण के बाल लीला का हुआ वर्णन

श्री कृष्ण के बाल लीला का हुआ वर्णन

SONBADHR NEWS: घोरावल तहसील क्षेत्र के कुशहरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पंचम दिवस शुक्रवार को यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञाचार्य पं. हरीराम मिश्रा के नेतृत्व में आचार्यों द्वारा यज्ञ किया गया। व्यास पीठ से कथावाचक नैतिक मिश्रा ने श्रीकृष्ण जी की बाल लीलाओं गोवर्धन पूजा और छप्पनभोग का वर्णन किया।पूतना वध,माखन चोरी, मिट्टी खाना और यशोदा माता को मुंह में संपूर्ण ब्रह्मांड का दर्शन कराने जैसी मनमोहक लीलाओं का वर्णन किया। कथा व्यास गणेशदेव पांडेय ने कथा का विस्तार करते हुए नारद मोह की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु ने नारद का अहंकार दूर करने के लिए विश्वमोहिनी के स्वयंवर की लीला रची। विश्वमोहिनी को देखकर नारद ऋषि भगवान से बोले हे प्रभु आप अपनी सुंदरता मुझे दीजिए। प्रभु ने नारद के मन से काम भावना समाप्त हो जाय।अहंकार नष्ट हो जाय।इसलिए उन्हें बंदर का रूप दिया।वह कन्या नारद की तरफ देखी तक नही। वही भगवान शिव के दो गण भी थे। इधर राजकुमारी ने वर माला भगवान के गले मे डाल दी।गणों ने नारद जी से कहा अपना मुंह जल में देखिए।नारद जी ने अपना मुंह जल में देखा तो बहुत क्रोध आया।उन्होंने शिवगणों को श्राप दिया।फिर रास्ते मे जाते हुए भगवान विष्णु को  श्राप दिया कि नारी के विरह में दुःखी होंगे और बन्दर ही सहायता करेंगे। इस मौके पर पूर्व विधायक रमेश दुबे, विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री राजीव कुमार, ग्राम प्रधान पंकज दुबे, उमेशचंद्र पांडेय, अमरीश सिंह, रामानंद पांडेय, नितेश इत्यादि मौजूद रहे।