श्रृंगी ऋषि की भूमिका पर स्वामी कमल दास महाराज ने डाला प्रकाश।
प्रातःकाल एक्सप्रेस
श्रृंगवेरपुर धाम। जनपद के पौराणिक तीर्थस्थल श्रृंगवेरपुर धाम में रामायण मेला आयोजन समिति द्वारा श्रीराम नवमी के अवसर पर श्रीराम जन्मोत्सव समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं ने भगवान श्रीराम के जन्म से जुड़े प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि मां भगवती शांता जी के आंगन में आयोजित श्रीराम जन्मोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हनुमानगढ़ी श्रीराम चैरा घाट के महंत स्वामी कमल दास महाराज उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के जन्म में श्रृंगी ऋषि की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि पुत्रेष्टि यज्ञ का श्रेय श्रृंगी ऋषि को जाता है, जिनके पुत्रेष्टि यज्ञ के पश्चात अयोध्या में भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ। कहा कि श्रृंगवेरपुर धाम का नाम भी श्रृंगी ऋषि के नाम पर ही पड़ा है, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को दर्शाता है। स्वामी जी ने रामायण मेला आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु आवश्यक है। राष्ट्रीय रामायण मेला के महामंत्री उमेशचंद्र द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम की आरती से हुआ तथा सायं 6 बजे प्रसाद वितरण के साथ समापन हुआ। इस दौरान संस्कृत विभाग के सहयोग से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में कथा वाचक महेंद्र पांडेय व अन्य विद्वानों ने प्रवचन भजन प्रस्तुत किए। आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य लोग एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।







