LUCKNOW NEWS: मार्च शहीद दिवस हमें भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव थापर के अद्वितीय बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस के उपलक्ष में “भारत का भविष्य और क्रांतिकारियों से सीख” विषय पर एक विचार संगोष्ठी का आयोजन फील्ड हॉस्टल, जागरण चौराहा, लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पांजलि अर्पित करके की गई चर्चा मुख्य रूप से देशभक्ति, युवाओं की जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में क्रांतिकारियों के योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अमर क्रांतिकारीभगत सिंह, शिवराम राजगुरुऔरसुखदेव थापर जैसे युवा अमर क्रांतिकारियों को को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इन महान बलिदानियों का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता शैलेंद्र दुबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत का भविष्य तभी सुरक्षित रहेगा जब युवा अपने इतिहास को समझेंगे और क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में देशभक्ति का अर्थ केवल नारे लगाना नहीं, बल्कि ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करना है। अन्य अत्याचार और शोषण के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना ही इन क्रांतिकारियों को सच्ची श्रद्धांजलि है। संगोष्ठी में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि क्रांति केवल अंग्रेजों के खिलाफ नहीं थी, बल्कि अन्याय, भ्रष्टाचार और गलत सोच के खिलाफ भी थी, और आज के युवाओं को इसी सोच को आगे बढ़ाना होगा। इस अवसर पर सर्वजन हिताय संरक्षण समिति महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रीना त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने अपने विचार रखते हुए प्रश्न उठाया कि आज के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है और हम क्रांतिकारियों के विचारों से कौन-सी सीख लेकर भारत का उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवा ईमानदारी, साहस और जिम्मेदारी को अपने जीवन में उतार लें, तो भारत विश्व में सबसे मजबूत राष्ट्र बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे क्रांतिकारियों के आदर्शों पर चलकर समाज में जागरूकता, देशभक्ति और नैतिकता को बढ़ाने का कार्य करेंगे।







