बारा(प्रयागराज) बारा तहसील में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके तत्काल स्थानांतरण की मांग की है। इसी को लेकर बारा बार एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम कोर्ट में किसी भी प्रकार के कार्य के लिए आने वाले वादकारियों और अधिवक्ताओं से अवैध रूप से धन उगाही की जा रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब भी कोई व्यक्ति अपने मामले से संबंधित कार्य कराने के लिए कोर्ट में जाता है तो उसे विभिन्न माध्यमों से पैसे देने के लिए मजबूर किया जाता है। इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और आम लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बार एसोसिएशन बारा के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक उप जिलाधिकारी बारा प्रेरणा गौतम और तहसीलदार रोशनी सोलंकी का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वे न्याय और पारदर्शिता के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि कई बार इस मुद्दे को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी वजह से मजबूर होकर उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
तहसील परिसर में चल रहे इस धरने के कारण कई प्रशासनिक और न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को भी अपने मामलों के निस्तारण के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
फिलहाल बारा तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का धरना जारी है और प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं क्षेत्र के लोग भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।







