क़ुरबतन इल्लल्लाह कहकर व शरीयत से किया तो ग़ुस्ल वरना सिर्फ नहाना (मौलाना जव्वादुल हैदर रिज़वी )
PRAYAGRAJ NEWS: मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शी बाजार में इन दिनों माहे रमज़ान के मुक़द्दस मौक़े पर दीनी तालीम से ओलमा आम लोगों को प्रतिदिन दोपहर की नमाज़ ए ज़ोहरैन के बाद आधे घंटे की दर्स (क्लासेस) दे रहे हैं जिसमें हर दिन अलग अलग मौज़ू पर सवाल व बयान होता है।आज मौलाना जव्वादुल हैदर रिज़वी ने ग़ुस्ल के तरीक़े और प्रकार पर खिताब करते हुए कहा कि ग़ुस्ल ए तरतीबी और ग़ुस्ल ए इरतेमासी दो प्रकार के होते हैं।कहा आम हालात में नहाना और खास हालात नहाने में नियत का फ़र्क है शरीयत में जो तरीक़ा बताया गया है।उसमें लाज़मी है कि पहले सिर और गर्दन पर पानी डालें फिर दाहीने बाज़ू और उसके बाद बाएं बाज़ू।पानी सर पर हो या बाज़ू पर डाला गया सभी पानी नीचे बदन और पैरों से होकर जाएगा।इस प्रकार पानी डाला जाए कि जिस्म का कोई भी हिस्सा सूखा न रहे। माहे रमज़ान के धीरे धीरे कर पांच रोज़े मुकम्मल हो गए और छै दिन की तरावीह भी हो गई।ऐसे में लोग बाजारों में ईद की खरीदारी करने भी पहुंच रहे हैं।ताकि कपड़ा वक्त पर सिर कर मिल जाए ।एक हफ्ते बाद तो टेलर कपड़े लेना ही बन्द कर देंगे।यही वजहा है कि इन दिनों चौक , रौशन बाग़ ,कोठापार्चा ,कटरा सिविल लाइंस में ज़्यादातर कपड़े की दूकानों पर खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है।
रेडीमेड इफ़्तारी के लिए कैटरर्स भी दे रहे ऑफ़र
बख्शी बाजार, करैली, रानी मण्डी, दरियाबाद में ऐसे दो दर्जन कैटरर्स हैं जो माहे रमज़ान में लुभावने ऑफर का कार्ड छफवा कर मस्जिदों व सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंच बना रहे हैं। ब्लेसिंग कैटरर्स के ओनर मिर्ज़ा अज़ादार व मेराज द्वारा नान्द,क़ीमा,नान्द,बोटी कबाब, बिरयानी, कोरमा रोटी, पसन्दा कुलचा,बटर चिकन कुलचा ज़र्दा, शीरमाल आदि की पैकिंग कर रोज़ादारों के लिए पुरे परिवार के साथ तय्यारी करते हैं।जो आम लोगों को कम बजट में आसानी से समय पर पहुंचाई जाती है। वहीं रानी मण्डी मे ताअम्मुल बैत के नाम से कैटरर्स महमूद है वह भी तरहां तरहां की पैकिंग में और लुभावने आइटम के साथ रोज़ादारों के लिए दिन रात लगे हैं।दरियाबाद के शबीह हैदर और करैली के अज़ादार के बेटे भी इसी प्रकार पैकिंग व किलों के हिसाब से इफ़्तारी का कार्य कैटरिंग के माध्यम से दे रहे हैं।








