बदलते मौसम में इन बातों का जरूर रखें ख्याल, कभी खराब न होगी तबियत :डॉ अमित बाजपेई
कहीं बीमार न हो जाएं आप! बदलते मौसम में ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल, जानें चिकित्साधीक्षक डॉ अमित बाजपेई की राय
LAKHIMPUR KHERI NEWS: मौसम में बदलाव का असर अब साफ नजर आने लगा है ठंड के बाद अचानक दिन में हल्की गर्मी का अहसास होने लगा है ऐसे में बदलते मौसम का प्रभाव हमारे शरीर पर भी पड़ता है, जिससे सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है अगर इस मौसम में सेहत का ध्यान न रखा जाए, तो शरीर कमजोर हो सकता है और बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। इसी विषय पर अधिक जानकारी के लिए लखनऊ से प्रकाशित पायनियर अखबार की टीम पहुंची फरधान, जहां सीएचसी अधीक्षक डॉ अमित बाजपेई ने इस बदलते मौसम में सेहत का ध्यान रखने के कुछ जरूरी उपाय बताए। डॉ. अमित बाजपेई ने बताया कि जब मौसम बदलता है, तो शरीर को नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में समय लगता है इस दौरान इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है खासकर, सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश, वायरल बुखार, एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं इसके अलावा, जिन्हें पहले से अस्थमा या सांस संबंधी दिक्कतें हैं, उन्हें अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेई के अनुसार, अगर आप कुछ सावधानियां बरतें, तो इन बीमारियों से बच सकते हैं….
पर्याप्त पानी पिए
मौसम बदलने के कारण शरीर में पानी की कमी न होने दें. रोजाना 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं!
संतुलित आहार लें
ताजे फल, हरी सब्जियां और पौष्टिक भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें विटामिन सी से भरपूर चीजें, जैसे नींबू, संतरा और आंवला, इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होते हैं!
पर्याप्त नींद लें
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अच्छी सेहत के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी है कम सोने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है!
साफ-सफाई का ध्यान रखें
हाथ धोने की आदत डालें और बाहर से आने के बाद चेहरे को अच्छी तरह धोएं!
हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें!
सुबह-शाम हल्की ठंड बनी रहती है, इसलिए बहुत पतले कपड़े पहनने से बचें!
नियमित व्यायाम करें
योग, प्राणायाम और हल्का व्यायाम करने से शरीर मजबूत रहता है और बीमारियों से बचाव होता है!
धूप का फायदा उठाएं
सुबह की हल्की धूप में बैठें, यह शरीर के लिए फायदेमंद होती है बदलते मौसम में सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है छोटे बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे वे जल्दी बीमार हो सकते हैं वहीं, बुजुर्गों में अस्थमा, गठिया और हृदय रोग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं इसलिए उनके खान-पान और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।







