ज्वाला देवी गंगापुरी में सम्पन्न हुआ इंटर बोर्ड के विद्यार्थियों का आशीर्वचन समारोह
PRAYAGRAJ NEWS: ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इन्टर कॉलेज गंगापुरी रसूलाबाद में इंटरमीडिएट बोर्ड के विद्यार्थियों का आशीर्वचन समारोह रज्जू भैया सभागार में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आज सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि पुलिस उपायुक्त मनीष कुमार सान्डिल्य थे जबकि विशिष्ट अतिथि ईसीसी के असिस्टेंट प्रो डॉ प्रेम प्रकाश , विद्याभारती पूर्वी उप्र के क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ राम मनोहर तथा अध्यक्ष के रूप में च्यवन भार्गव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीपार्चन व पुष्पार्चन कर किया गया। प्रधानाचार्य युगल किशोर मिश्र ने अतिथियों का परिचय व सम्मान कराया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि परीक्षा को ही जीवन की अंतिम परीक्षा नहीं मान लेना चाहिए। अपने लक्ष्य को अपने सामर्थ्य के अनुसार निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए ईमानदारी पूर्वक प्रयास करना चाहिए। साथ ही परीक्षा के समय होने वाली गलतियों को कैसे दूर करें इस पर विस्तृत रूप से छात्रध्छात्राओं का मार्गदर्शन किया एवं भविष्य में मजबूत कदम के साथ आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। 11 वीं के छात्रों ने अपने वरिष्ठ छात्र भाइयों के लिए मनमोहक एवं हृदय स्पर्शी गीत एवं भजन प्रस्तुत किया। 12 वीं के छात्रों ने विद्यालय में बिताए गए अपने पलों को भावुकता पूर्ण तरीके से अपने विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया। 11 वीं के छात्रा समीक्षा पाण्डेय ,अंशिका सिंह तथा 12 वीं छात्र यश स्वरुप, दिनेश एवं भार्गवी द्विवेदी के विचारों को सुनकर उपस्थित सभी छात्रों एवं आचार्य ध्आचार्या की आखें नम हो गईं वैष्णवी व रिद्धि ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि पुलिस उपायुक्त मनीष कुमार सान्डिल ने कहा कि बोर्ड की परीक्षा आपके जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक अनुशासन का द्वार है। अक्सर छात्र अंकों के पीछे भागते हैं, लेकिन एक पुलिस अधिकारी के नाते मेरा अनुभव कहता है कि समाज को केवल श्नंबरश् नहीं, बल्कि श्दृढ़ चरित्रश् वाले नागरिकों की जरूरत है। आप तनाव न लेंय परीक्षा आपकी काबिलियत का एक छोटा हिस्सा है। अपना शत-प्रतिशत दें, इसमें धैर्य ही आपकी सबसे बड़ी जीत है। याद रखिये, सफलता का रास्ता किताबों से होकर गुजरता है। विशिष्ट अतिथि डॉ राम मनोहर ने कहा कि परीक्षा केवल कागजों पर दिए गए सवालों के जवाब नहीं है, बल्कि आपके अनुशासन, धैर्य और संकल्प की कसौटी है। याद रखिये, एक मार्कशीट आपके भविष्य का फैसला नहीं करती, लेकिन उस मार्कशीट को हासिल करने के लिए की गई कड़ी मेहनत आपके चरित्र का निर्माण जरूर करती है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था, ष्उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।ष् आपकी सफलता केवल आपकी नहीं, बल्कि इस देश की प्रगति का आधार है।
विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य जनार्दन प्रसाद दूबे ने कहा कि हम जहाँ भी रहें अपने नैतिक आचरण, व्यवहार व आदर्शों के द्वारा अपने परिवार, समाज, विद्यालय, शहर, प्रदेश व देश का प्रतिनिधित्व करते हुये अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। इस अवसर पर द्वादश के विद्यार्थी दिनेश, प्रिया केसरवानी, दिव्यांशी त्रिपाठी, प्राची वर्मा को विशिष्ट विद्यार्थी सम्मान 2025-26 से सम्मानित किया। संचालन आचार्य सरोज सिंह एवं सविता त्रिपाठी ने किया। आभार ज्ञापन विद्यालय की मीनाक्षी मेहरोत्रा ने किया। इस अवसर पर रीतेश अग्रहरि, चंद्रमौली त्रिपाठी, दिनेश दूबे, धनंजय पाण्डेय, गिरिवर त्रिपाठी तथा सभी अध्यापक ध्अध्यापिका उपस्थित रहे।







