छात्राओं ने कथक के माध्यम से की भगवान शिव की आराधना,
JHANSI NEWS: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर झांसी के प्रतिष्ठित शगुफ्ता डांस स्टूडियो में भक्ति और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्टूडियो की छात्राओं ने भगवान शिव की आराधना में अखंड तत्कार नृत्य प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। कार्यक्रम में अभिभावकों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। स्टूडियो की संचालिका एवं कथक गुरु डॉ. शगुफ्ता खान के कुशल मार्गदर्शन में छात्राओं ने पारंपरिक कथक शैली में अखंड तत्कार की प्रस्तुति दी। कथक में तत्कार को विशेष साधना माना जाता है और शिव आराधना में इसकी आध्यात्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है। लय, ताल और पदचाप की सटीकता के साथ प्रस्तुत इस नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ शिव वंदना से हुआ। इसके पश्चात छात्राओं ने क्रमबद्ध रूप से अखंड तत्कार नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस विशेष अवसर पर लावण्या, आश्वि, दुर्गेश, ऋषिका, रियांशी, अद्विका, देवांशी, गौरी, सहाना, दिविशा एवं मनोग्या सहित अन्य छात्राओं ने सहभागिता की। सभी छात्राओं ने अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट तालमेल के साथ अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों की सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. शगुफ्ता खान ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य केवल कला नहीं, बल्कि साधना का माध्यम है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर शिव आराधना के माध्यम से छात्राओं को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना ही संस्थान का उद्देश्य है। आयोजन के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने भगवान शिव से सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। महाशिवरात्रि के इस अवसर पर आयोजित यह अखंड तत्कार नृत्य प्रस्तुति नगर में चर्चा का विषय बनी रही।







