Home आस्था 52 वर्ष से प्रतिदिन रूद्राभिषेक कर रहे स्वामी रामाश्रम शास्त्री

52 वर्ष से प्रतिदिन रूद्राभिषेक कर रहे स्वामी रामाश्रम शास्त्री

कहा कि महादेव के समान संसार में कोई दूसरा देवता नहीं
श्रृंगवेरपुर के गढवा में स्थित है आश्रम

PRAYAGRAJ NEWS:  68 वर्षीय अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री पीठाधीश्वर स्वामी रामाश्रम शास्त्री स्वामी महराज है जो 52 वर्ष से प्रतिदिन रूद्राभिषेक करते है। इनका कहना है कि सभी देवताओं में भगवान शिव सबसे श्रेष्ठ है इसलिए इनको महादेव कहा गया है। उन्होंने बताया कि शिव पुराण में लिखा है कि सबसे पहले भगवान शिव की लिंग के रूप में उत्तपत्ति हुई है उसके बाद भगवान ब्रह्म और भगवान विष्णु की। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन भगवान शिव का विधि विधान से अभिषेक करने से सभी समस्याएं खत्म होती है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
पीठाधीश्वर स्वामी रामाश्रम शास्त्री स्वामी महराज 68 वर्ष के है। उन्होने बताया कि 16 वर्ष की अवस्था में संन्यास लें लिया था। श्री श्री 1008 श्री स्वामी मुनीषाश्रम जी महराज से दीक्षा लिया। वर्तमान में श्रृंगवेरपुर धाम के पास दिव्य नारायण सेवा आश्रम, पुरूषोत्तम घाट, गढवा, अखराजपुर में गंगा तट पर आश्रम स्थित है। जहां प्रतिदिन शिष्यों के साथ भगवान शिव का अभिषेक होता है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद, शंकर, घी, गन्ने का रस और कुशाग्र का जल से अभिषेक प्रतिदिन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभिषेक के पश्चात सफेद चंदन या भस्म लगाया जाता है। उसके बाद सफेद फूल, बेलपत्र, बेल, भांग, धतूरा, बेर, शमी पत्र सहित अन्य से अभिषेक किया जाता है। पीठाधीश्वर स्वामी रामाश्रम शास्त्री स्वामी महराज ने बताया कि भगवान शिव के पूजन से जहां सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है ऐसे में सभी सनातनधर्मियों को भगवान शिव का पूजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान ब्रह्म और भगवान विष्णु भी भगवान शिव का पूजन करते हुए उनको महादेव कहते है।