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मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता ने जबरन धर्मांतरण से किया इनकार,नहीं मिली दूसरी रिमांड, कोर्ट ने किया रिहा

MIRZAPUR NEWS:  थाना कोतवाली देहात में दर्ज धर्मांतरण एवं पॉक्सो से जुड़े मामले में बुधवार को किशोर न्याय बोर्ड ने पुलिस की दूसरी रिमांड अर्जी खारिज कर दी। प्रधान मजिस्ट्रेट प्रियंबदा लाल ने दोनों किशोरों को उनके अभिभावकों की सुपुर्दगी में तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। थाना देहात कोतवाली में 5 फरवरी 2026 को अपराध संख्या 59/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें बीएनएस की धारा 137(2), 87, 75, 61(2), उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 व 5(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 7/8 के तहत आरोप लगाए गए थे।
बुधवार को जांच अधिकारी ने अदालत में पेश होकर 14 दिन की दूसरी रिमांड की मांग की। अदालत ने प्रकरण डायरी, पीड़िता का धारा 183 बीएनएसएस के तहत दर्ज बयान, आयु संबंधी अभिलेख और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। न्यायालय ने आदेश में कहा कि पीड़िता बालिग और मानसिक रूप से स्वस्थ है। उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में जबरन धर्म परिवर्तन, अपहरण या उत्पीड़न से इनकार किया है। उपलब्ध साक्ष्य प्रथम दृष्टया रिमांड की आवश्यकता को पुष्ट नहीं करते, इसलिए आगे की हिरासत उचित नहीं है। बोर्ड ने 17 वर्षीय आजम खान और 17 वर्षीय श्रवण को उनके कानूनी अभिभावकों की निगरानी में रिहा करने का निर्देश दिया।