Home उत्तर प्रदेश ज्वाला देवी के विक्रम बहादुर सिंह को मिला सीएम शिक्षक सम्मान

ज्वाला देवी के विक्रम बहादुर सिंह को मिला सीएम शिक्षक सम्मान

प्रयागराज के ज्वाला देवी इण्टर कालेज के है प्रधानाचार्य
शिक्षको,  विद्या भारती परिवार में हर्ष, दी बधाई
PRAYAGRAJ NEWS: उत्तर प्रदेश की गौरवमयी शैक्षणिक परंपरा में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रयागराज के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस के प्रधानाचार्य  विक्रम बहादुर सिंह परिहार को प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और विशिष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित मुख्यमंत्री अध्यापक सम्मान के लिए चुना गया है। इस घोषणा से प्रयागराज जनपद सहित विद्या भारती काशी प्रांत और पूर्वी उप्र के शिक्षा जगत में उत्साह और गौरव का वातावरण व्याप्त है।
यह सम्मान श्री परिहार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए वर्षों के अथक परिश्रम, नवाचारों और एक अनुशासित शैक्षिक वातावरण तैयार करने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को ऊँचा उठाया, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा को संस्कारों और आधुनिक कौशल से जोड़ने का भगीरथ कार्य किया है।  मध्य प्रदेश के सतना जिले के गौनहारी गाँव के निवासी श्री विक्रम बहादुर सिंह परिहार का जीवन सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और सैन्य अनुशासन का मेल है। उनके पिता,  नरेंद्र प्रताप सिंह परिहार वायु सेना से सेवानिवृत्त होने के पश्चात वर्तमान में कृषि के माध्यम से समाज सेवा में संलग्न हैं। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से होने के कारण श्री परिहार की कार्यशैली में स्पष्ट निर्णय क्षमता और कठोर अनुशासन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।  शैक्षणिक योग्यता एमकाम, एल एलबी और बीएड है। परिहार की शैक्षिक यात्रा वर्ष 2007 में विद्या भारती योजना के अंतर्गत शक्ति नगर, सोनभद्र में वाणिज्य प्रवक्ता (सीबीएसई) के से प्रारंभ हुई थी। 2017में ज्वाला देवी गंगापुरी में प्रधानाचार्य, 2022 मे सरस्वती विद्या मंदिर, सुलतानपुर (सीबीएसई) में प्रधानाचार्य थे। वर्तमान में ज्वाला देवी सिविल लाइंस, प्रयागराज जैसे प्रमुख संस्थान का कुशलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं।  समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, उनके मार्गदर्शन में सेवा बस्तीश् क्षेत्रों में विशेष संस्कार केंद्र’’ संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और नैतिक मूल्य प्रदान किए जा रहे हैं, जो राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे पूर्व भी उन्हें उनकी मेधा के लिए उपमुख्यमंत्री ने सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान,विभिन्न मंचों परश्श्रेष्ठ प्रधानाचार्य सम्मानश् और अनेक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों द्वारा विशिष्ट सम्मानों से नवाजा जा चुका है। विद्या भारती काशी प्रांत के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि उन आदर्शों का सम्मान है जिन्हें विद्या भारती आत्मसात करती है। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि भविष्य में प्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी।