AMETHI NEWS: नरैनी के धर्मेन्द्र पाण्डेय के निज – निवास में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, नंदोत्सव,और वामन अवतार की कथा सुनाई गई। कथावाचक दंडी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने कृष्ण जन्म के प्रसंग के माध्यम से कंस के अत्याचारों के अंत और गोकुल में खुशी का वर्णन करते हुए बताया कि आज जब जब होहि धरम पर हानि ,बाढहिं असुर अन्य अभिमानी अर्थात जब धरती पर धर्मपरायण कम हो जाता है और दुष्टों, असुरों व अभिमानियों का प्रभाव बढ़ता है तब प्रभु अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।कथा वाचक ने बताया कि कंस के अत्याचार से नगर की जनता परेशान हो चुकी थी तो भगवान श्री नारायण ने वासुदेव की पत्नी व कंस की बहन देवकी के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लेते हैं और जगत का कल्याण करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर पंडाल रंगीन गुब्बारे से सजाया गया। भगवान जन्म का सजीव चित्रण के लिए झांकी निकाली गई कथावाचक ने भगवान का जन्म को लेकर सुन्दर गीत प्रस्तुत किए पंडाल में आई महिलाओं ने सोहर गीत गाया कुछ श्रोताओं द्वारा नृत्य किया गया। नंदोत्सव मनाया गया।जय कन्हैया लाल की व नंद के आनन्द भयो के भजनों से पूरा पंडाल गूंज उठा। चौथे दिन की कथा में भगवान के जन्म को लेकर पंडाल की संख्या बहुत अधिक बढ़ गई।







