ETAWA NEWS: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रशांत तिवारी ने केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किए गए बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आम जनता की उम्मीदों के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट एक बार फिर साबित करता है कि मौजूदा सरकार की प्राथमिकताएँ गरीब, मज़दूर, किसान, युवा और मिडिल क्लास नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट हित हैं। प्रशांत तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बजट को साफ तौर पर गरीब-विरोधी, मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और युवा-विरोधी मानती है। बजट में महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए किया गया आवंटन नाकाफी है, जिससे गरीब और वंचित परिवारों पर आर्थिक बोझ और बढ़ेगा। उन्होंने मज़दूर वर्ग की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, निर्माण कामगारों और मेहनतकशों के लिए न तो रोज़गार सुरक्षा का भरोसा है और न ही न्यूनतम मज़दूरी व सामाजिक सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप। मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को मज़बूत करने के बजाय उसके बजट में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई।
किसानों के मुद्दे पर प्रशांत तिवारी ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के दावे दोहराए गए हैं, लेकिन एमएसपी की कानूनी गारंटी, फसल बीमा की खामियाँ, बढ़ती लागत, ग्रामीण कर्ज़ और सिंचाई व भंडारण जैसी बुनियादी ज़रूरतों पर बजट खामोश है। बेरोज़गार युवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए स्थायी और सम्मानजनक रोजगार की कोई ठोस योजना बजट में नज़र नहीं आती। कौशल विकास और स्टार्ट-अप की घोषणाएँ तो हैं, लेकिन वास्तविक नौकरियों, परीक्षा-भर्ती संकट और सरकारी पदों की रिक्तियों पर सरकार मौन है। मिडिल क्लास को लेकर पीसीसी सदस्य ने कहा कि बढ़ती महंगाई, ईंधन के दाम, शिक्षा-स्वास्थ्य और आवास खर्च के बीच टैक्स राहत बेहद सीमित है। बचत को प्रोत्साहन देने और जीवन-यापन की लागत कम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने कहा कि यह बजट आधी आबादी—महिलाओं—और सदियों से वंचित दलित समाज की वास्तविक समस्याओं को भी नज़रअंदाज़ करता है। गृहणियों पर महंगाई की मार लगातार बढ़ रही है, लेकिन रसोई गैस, खाद्य पदार्थ और घरेलू खर्च को लेकर कोई सीधी राहत नहीं दी गई। वहीं, कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, समान वेतन, मातृत्व सुविधाएँ, क्रेच और परिवहन सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बजट निराशाजनक है। दलित और वंचित समाज के लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति, कौशल विकास और स्वरोज़गार योजनाओं में अपेक्षित बढ़ोतरी न होने पर भी उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। SC/ST सब-प्लान को मज़बूती देने और सामाजिक न्याय को ज़मीन पर उतारने की प्रतिबद्धता इस बजट में कमज़ोर दिखाई देती है।
अंत में प्रशांत तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट माँग है कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करे, रोजगार सृजन का ठोस रोडमैप पेश करे, किसानों को MSP की कानूनी गारंटी दे, मज़दूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करे और मिडिल क्लास को वास्तविक टैक्स व खर्च राहत दे। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए इस बजट की कमियों को संसद से लेकर सड़कों तक, हर मंच पर पूरी मजबूती से उठाती रहेगी।





