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कौंधियारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने दिया धरना

PRAYAGRAJ NEWS: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी)कौंधियारा में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं और बदहालस्वास्थ्य सेवाओं को लेकर क्षेत्र में जनआक्रोश लगातारबढ़ता जा रहा है। ग्रामीण अंचल के हजारों लोगों के लिएजीवन रेखा माने जाने वाले इस स्वास्थ्य केन्द्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव मरीजों के लिए भारी परेशानी काकारण बन गया है। स्वास्थ्य सेवाओं कीबदहाली को लेकरभारतीय किसान यूनियन (किसान) ने दिया धरनाद्यकौंधियारा सीएचसी में अव्यवस्थाओं के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (किसान) का सत्याग्रह, सैकड़ों किसान धरने पर
कौंधियारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (ब्भ्ब्) में व्याप्त अव्यवस्थाओं और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (किसान) ने सत्याग्रह शुरू कर दिया है। सोमवार को सुबह से ही सीएचसी परिसर में यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता और किसान एकत्र होकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। इस आंदोलन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (किसान) के पूर्वांचल प्रभारी राजीव चंदेल और विधि प्रकोष्ठ के प्रभारी कृष्णानंद शुक्ला ने किया। धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि कौंधियारा सीएचसी क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए एकमात्र सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहां वर्षों से अव्यवस्था का आलम बना हुआ है। मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जरूरी जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और स्टाफ की भारी कमी के कारण ग्रामीणों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मरीजों को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी प्रयागराज शहर रेफर कर दिया जाता है, जिससे गरीब और किसान परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने बताया कि सीएचसी में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जैसी जरूरी जांच सुविधाएं या तो बंद हैं या नाम मात्र की हैं। दवाओं की उपलब्धता भी संतोषजनक नहीं है, जिससे मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजीव चंदेल ने कहा कि यदि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा, जब तक सीएचसी में सभी जरूरी सुविधाएं बहाल नहीं हो जातीं और रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं की जातीं। वहीं, कृष्णानंद शुक्ला ने प्रशासन से मांग की कि उच्च स्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। किसान यूनियन के पूर्वांचल प्रभारी राजीव चंदेल सहित सभी पदाधिकारियों ने उपस्थित जिले के डिप्टी सीएमओ डा॰ प्रमोद कुमार को ज्ञापन सौंपते हुये एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ केन्द्र की व्यवस्था सुधारने व पूर्व अधीक्षक डा॰ पंकज कुमार पवन के खिलाफ जाँच कर कार्यवाही की मांग की है। डिप्टी सीएमओ ने आश्वासन देते हुये कहा कि ज्ञापन सीएमओ प्रयागराज को भेज कर जल्द से जल्द अस्पताल की व्यवस्था ,एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन को लगवाया जायेगा तथा पूर्व अधीक्षक के खिलाफ उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद टीम गठित कर जाँच करवाई जाएगी अनियमितता पाये जाने पर पूर्व अधीक्षक के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। धरना स्थल पर किसानों ने नारेबाजी करते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की।