Home उत्तर प्रदेश जानवरों का सेवा करने में जुटे हैं गुलशन

जानवरों का सेवा करने में जुटे हैं गुलशन

सोहसा मठिया निवासी गुलशन का काम का चर्चा है
KUSHINAGAR NEWS: प्रकृति ने हमें पैड़-पौघे, पहाड, नदियाँ, समुद्र, पशु-पक्षी सभी कुछ दिया है। मानव के विकास के रास्ते विविध तरीकों से खोले हैं। मानव को सोचने-समझने और अपने जीवन के साथ-साथ प्रकृति की बनाई हुई प्रत्येक वस्तु के संरक्षण का ज्ञान प्रदान किया है।गौ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म हम बात कर रहे हैं कसया तहसील क्षेत्र के गांव सोहसा मठिया निवासी गुलशन राव व हरेंद्र कुशवाहा प्रतिदिन पशुओं का सेवा करते हुए देखा जा रहा है मानव इस संसार में सबसे अधिक बुद्धिमान प्राणी है। ईश्वर ने विवेक तो मात्र उसे ही प्रदान किया है। प्रभु ने पशुओं में गाय को सर्वोत्तम बनाया है। यदि इस संसार में गाय नहीं होती तो हमारे लिए जीवन यापन-करना बहुत ही कठिन हो जाता। इसलिए गायों की सेवा व सुरक्षा से ही विश्व का कल्याण सम्भव है। बता दें कि सोहसा मठिया निवासी गुलशन राव प्रतिदिन सुबह शाम को गांव और चौराहे पर जाकर छुट्टा जानवरों को इस हाड़ कंपा देने वाली ठंडक में परेशान जानवरों को ठंडक से बचने के लिए व्यवस्था करते हैं और बिमार जानवरों का इलाज का व्यस्था करते देखा जा रहा है और उन्होंने कहा कि संवेदनशील प्राणी के रूप में जगह देने की बात पर पूर्ण जोर दिया। हम सब जानते हैं कि जंगलों की कटाई के कारण अनेक जंगली जानवर विश्व से विलुप्त होते जा रहे हैं, उन्हें बचाने एवं मानव के उनके साथ सम्बन्ध बनाने पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया है इसके साथ-साथ करोड़ों हिन्दुओं की आस्था की प्रतीक ‘गौमाता’ की हत्या पर पूर्ण रूप से पाबन्दी लगाने पर भी विशेष बल दिया गया।मानव एवं प्रकृति के साथ सन्तुलन बनाने के लिए पशुओं का इस पृथ्वी पर रहना बहुत ही आवश्यक है। पशुओं से हमें दूध मिलता है, इनके बच्चे किसानों के लिए खेती में काम आते हैं, बोझा ढोने के काम आते हैं, इन बैलों का यातायात के लिए भी प्रयोग किया जाता है। कुत्ता एवं बिल्ली आदि हमारे घरों की देखभाल करते हैं जिससे चोरी होने का खतरा कम होता है। पालतू जानवरों के घर में होने से बच्चों में दूसरों पर दया करने की भावना उत्पन्न होती है, मिल बाँटकर खाने की प्रवृत्ति में वृद्धि होती है, अकेलापन दूर होता है तथा ये मानसिक तनाव को दूर करने का सबसे उत्तम साधन है।विश्व के सभी नर-नारियों, बूढ़े-बच्चों, सभी समूहों और विभिन्न प्रकार के गैर राजनैतिक संगठनों को पशुओं की सुरक्षा और उनके पालन-पालन हेतु उनका समर्थन प्राप्त करना अनिवार्य है। हमें जानवरों के प्रति घृणा का व्यवहार नही करना चाहिए। आपदा के समय में हमें पशुओं को भी बचाना चाहिए, उनके साथ निम्न दर्ज का व्यवहार नहीं करना चाहिए।