MIRZAPUR NEWS: (अमरेश चन्द्र पाण्डेय) पत्रकार जनता की आंख व कान होते हैं। पत्रकारिता को अपने उन आदर्शों की बदौलत चौथे स्तम्भ’ की गरिमा मिली है। जनपद के पड़री बाजार में इस समय एक तथाकथित पत्रकार चर्चाएं खास में है। इसकी करतूत से पत्रकारिता जगत की गरिमा को ठेस पहुंच रहा है। इसकी करतूत यह है कि बाजार के दुकानदारों से बर्फी, चाय, समोसा आदि खाकर अपना रास्ता पकड़ता है और पैसा मांगने पर अपने को पत्रकार होने का रौब झाड़ता है और धमकी देता है कि पड़री में रहना है या नहीं। धमकी ऐसी जैसे पड़री इसके बाप की जागीर है। एक दुकानदार से इसने दर्जनों बार बर्फी मांगकर खाया और साथ आये लोगों को खिलाया। दुकानदार ने पहले तो यह सोचकर पैसे की मांग नहीं कि की, कि बाद में स्वतः सब जोड़कर खुद दे देगें, किन्तु महीनों पैसा न मिलने पर जब दुकानदार ने पैसा मांगा तो तथाकथित पत्रकार भड़क गया और उसे धमकाने लगा। दुकानदार अपनी हैसियत देखकर चुप हो गया। लेकिन दुकानदार ने एक दिन पत्रकार से तकादा कर दिया। लेकिन दुकानदार का तकादा करना उक्त फर्जी पत्रकार को ऐसा नागवार गुजरा कि खाद्य पदार्थों का नमूना लेने वाले स्थानीय अधिकारी से संपर्क साधकर उसकी झूठी शिकायत कर उसका नमूना भरवा दिया। इसी बीच उक्त दुकानदार का अपने पड़ोसी महिला से जमीन संबंधी विवाद चल रहा था। इस फर्जी पत्रकार ने तत्कालीन अपने सजातीय थानेदार से कह कर पांच बार शांतिभंग की धारा 151 में चालान करा दिया। एक दूसरे दुकान से चाय व समोसा खाया व खिलाया था। उक्त दुकानदार द्वारा पैसा मांगने पर धमकी दिया कि तुम्हें पड़री में रहना है कि नहीं? उसके धमकी पर पहले वाले दुकानदार का हश्र देखकर वह इस कदर भयभीत हो गया कि उसने अपनी दुकान ही बंद कर दी। थानेदार व पुलिस कर्मियों से पत्रकार के हवाले से अपना संबंध बनाकर झूठा रौब झाड़ता फिर रहा है। जबकि खुद इतना बड़ा गलत कार्य कर रहा है जिसकी जांच हो जाए तो जेल के सीखचों में दिखाई पड़ेगा। पड़री क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों में आक्रोश है और वे यह जानना चाहते है कि ऐसे बेशर्म पत्रकार कैसे बन जाते हैं? ऐसे फर्जी पत्रकार की करतूतों का संज्ञान नहीं लिया गया तो जनता का भरोसा पत्रकारों से उठने लगेगा। विडम्बना यह कि ऐसे फर्जी पत्रकार को पुलिस से भरपूर संरक्षण मिलता है। ऐसे चरित्र शून्य व्यक्ति की जांच कराने के बजाय पुलिस अपने आवास में बैठाकर चाय व पकौड़ी खिला रहे है। यह भी एक विडम्वना ही है।







