ETAWA NEWS: विकासखंड क्षेत्र के कस्बा एवं ग्रामीण अंचलों में किसानों की फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के लिए कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। महेवा ब्लॉक क्षेत्र की दर्जनों ग्राम पंचायतों में कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी डॉ. अक्षय कुमार किसानों को फसलों की सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहे हैं। बुधवार को जागरण की टीम ने ब्लॉक परिसर में स्थित कृषि रक्षा इकाई का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभारी ने बताया कि केंद्र पर किसानों के लिए करीब 12 प्रकार की फसल रक्षक दवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें कीटनाशक, खरपतवारनाशक और फफूंदीनाशक शामिल हैं। रासायनिक दवाओं पर 50 प्रतिशत तथा जैविक रसायनों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। किसानों को पहले पूरा भुगतान करना होता है, जिसके बाद अनुदान की राशि उनके बैंक खाते में भेज दी जाती है। हालांकि, केंद्र की भवन स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। बरसात के मौसम में प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है और कृषि रक्षा रसायनों को सुरक्षित रखने के लिए कोई उचित स्थान उपलब्ध नहीं है। इससे किसानों को बरसात के दौरान आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बताया गया कि मुख्य विकास अधिकारी अजय गौतम ने खंड विकास अधिकारी महेवा बृज बिहारी त्रिपाठी को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह निर्देश अब तक हवा-हवाई साबित हुए हैं। दुर्गापुर के किसान मोनू यादव ने बताया कि केंद्र पर दवाएं समय पर मिल जाती हैं और उनके प्रयोग की विधि भी समझाई जाती है। वहीं, हनुमंतपुर के किसान योगेश चंद्र ने कहा कि कृषि फसल सुरक्षा केंद्र पर कीटनाशक 50 और 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे किसानों को काफी राहत मिल रही है। इस समय गेहूं और लाही की फसल की बुआई खेतों में हो चुकी है। केंद्र पर पहुंचे किसानों को खरपतवार नियंत्रण के लिए प्रटीला क्लोर दवा की जानकारी दी गई और बताया गया कि इसे रूपाई के बाद खेत में डालने से खरपतवार नहीं उगते हैं।
इस अवसर पर किसान सुखदेव चौबे, राजेश यादव, अमर सिंह पाल, हरिश्चंद्र, नरेंद्र शुक्ला सहित आधा दर्जन से अधिक किसान उपस्थित रहे।







