SIDHARTHNAGAR NEWS: पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर किसान सम्मान दिवस का आयोजन अम्बेडकर सभागार में हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने स्व. चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया। जिलाधिकारी ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया, जबकि उपकृषि निदेशक ने अतिथियों का अभिनन्दन किया।
मुख्य अतिथि सांसद जगदम्बिका पाल ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि स्व. चौधरी चरण सिंह ने जीवन भर किसानों के अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष किया, इसी कारण वे ‘किसानों के मसीहा’ के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के निर्णय के अनुसार उनकी जयंती को प्रदेश भर में किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। सांसद ने दलहनी-तिलहनी फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन पर किसानों को बधाई दी और कालानमक धान की वैश्विक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास खण्ड खेसरहा की अल्का सिंह द्वारा कालानमक की खेती से 20–25 टन प्रतिवर्ष उत्पादन कर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने सभी विकास खण्डों में कालानमक की खेती को बढ़ावा देने, कृषि योजनाओं के माध्यम से उपकरण-बीज पर सब्सिडी और किसानों की आय बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि स्व. चौधरी चरण सिंह के किसानोन्मुखी कार्यों के कारण उनका जन्मदिवस किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाता है और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने किसानों से गोल्डन कार्ड और फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराने की अपील की ताकि किसान सम्मान निधि सहित सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने गरीबी उन्मूलन विधेयक और उत्तर प्रदेश जोत अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि विभाग प्रमाणिक बीज-उर्वरक उपलब्ध कराने और वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल और उपकृषि निदेशक ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और गन्ना उत्पादन सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 28 किसानों को माला, अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर उपकृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी मु. मुजम्मिल, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।







