Home उत्तर प्रदेश संस्कार, संस्कृति और शिक्षा का संगम बना सेमफोर्ड का “पालनहार–2025”

संस्कार, संस्कृति और शिक्षा का संगम बना सेमफोर्ड का “पालनहार–2025”

पालनहार–2025 में नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा सब का मन

MIRZAPUR NEWS: शिक्षा जब केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर संस्कार, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का स्वरूप ग्रहण कर ले, तब ऐसे आयोजन समाज की दिशा तय करते हैं। इसी भावभूमि पर रविवार को सेमफोर्ड स्कूल, द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह “पालनहार–2025” अत्यंत भव्यता, गरिमा और अनुशासित वातावरण के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन शैक्षिक उपलब्धियों के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना, पारिवारिक सहभागिता और नैतिक मूल्यों का जीवंत उत्सव बनकर उभरा। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुरूप माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर नगर एवं क्षेत्र के छः विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस शुभ अवसर पर में मुख्य अतिथि दया शंकर मिश्र, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष एवं खाद्य सुरक्षा, भारत सरकार, के साथ पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त)  सोहन लाल श्रीमाली,  नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र, नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी, क्षेत्राधिकारी सदर अमर बहादुर सिंह प्रबंधक द्वय विवेक बरनवाल व  शिप्रा बरनवाल ने एवं अन्य सम्मानित अतिथि मंचासीन थे। तत्पश्चात विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का बैज अलंकरण, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे समारोह का वातावरण सम्मान और सौहार्द से परिपूर्ण हो गया। इसके उपरांत विद्यालय की दोनों शाखाओं (नटवा एवं बसही)से जुड़े स्टूडेंट विद्यार्थी परिषद  सदस्य तथा विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले बच्चों के अभिभावकों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन अभिभावकों को समर्पित था, जिनकी सहभागिता, मार्गदर्शन और सहयोग बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। यह दृश्य विद्यालय और अभिभावक समुदाय के बीच सुदृढ़ विश्वास, सहभागिता और सामूहिक उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक बना।कार्यक्रम की औपचारिक कड़ी में विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य संतोष कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत की गई। उन्होंने सत्र भर की शैक्षणिक उपलब्धियों, परीक्षा परिणामों, प्रतियोगी सफलताओं, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, नवाचारों तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यालय की प्रगतिशील शैक्षिक यात्रा को सुस्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला ने समारोह को भावनात्मक और कलात्मक ऊँचाइयों तक पहुँचा दिया नन्हे बच्चों से लेकर वरिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत “जागो कृष्ण कन्हैया जागो”, “अन्नदाता धरती का पालनहार”, ओडिसी नृत्य, “मल्हार देव नृत्यम”, संगीतमय नृत्य-नाटिकाएँ तथा “भव से भक्ति तक” जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से नरसिंह अवतार पर आधारित नाट्य प्रस्तुति तथा “कौन है वो पालनहार?” विषयक नाटक ने सामाजिक चेतना, नैतिक मूल्यों और मानवीय दायित्वों का गहन संदेश दिया, जिसे सभागार में उपस्थित दर्शकों ने करतल ध्वनि से सराहा। समारोह के दौरान विभिन्न श्रेणियों में सक्रिय, सहयोगी, सृजनशील एवं उत्तरदायी अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। यह पहल इस तथ्य को रेखांकित करती है कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में विद्यालय के साथ-साथ अभिभावकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और दोनों के समन्वय से ही शिक्षा अपने उद्देश्य को पूर्ण करती है। अपने संबोधनों में मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों ने सेमफोर्ड स्कूल के अनुशासित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली, सांस्कृतिक चेतना और मूल्यों पर आधारित शिक्षण पद्धति की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता और सामाजिक संवेदनशीलता को विकसित करते हैं तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सेमफोर्ड स्कूल, नटवा ब्रांच की प्रिंसिपल श्वेता मेहरोत्रा खत्री द्वारा अत्यंत गरिमामय एवं भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समारोह सामूहिक प्रयास, अनुशासन और विश्वास का सजीव परिणाम है। निस्संदेह, सेमफोर्ड स्कूल, मिर्ज़ापुर का वार्षिक समारोह “पालनहार–2025” शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का ऐसा प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा, जो नगर के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी सदस्य एंव अभिभावकगण मौजूद थे।