Home उत्तर प्रदेश झांसी में सफल रहा ‘सेज शिक्षा आपके द्वार’ कार्यक्रम

झांसी में सफल रहा ‘सेज शिक्षा आपके द्वार’ कार्यक्रम

200 से अधिक शिक्षकों ने शिक्षा की चुनौतियों और समाधान पर किया मंथन
JHANSI NEWS: सेज ग्रुप द्वारा शिक्षकों एवं शिक्षा संस्थान प्रमुखों के लिए आयोजित “सेज शिक्षा आपके द्वार” कार्यक्रम का भव्य आयोजन मंगलवार को झांसी में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के महत्व को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना तथा शिक्षकों के साथ संवाद स्थापित कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम में झांसी एवं आसपास के क्षेत्रों से आए सम्मानित शिक्षकों, प्राचार्यों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान उच्च शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों के सामने आने वाली समस्याओं, शैक्षणिक गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों, रोजगारोन्मुख शिक्षा तथा आधुनिक शिक्षा प्रणाली की चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्राचार्य मनोज कुमार मिश्रा,  सतीश कुमार सिंह,  अरविंद ओझा, डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव, डॉ. वीरेंद्र श्रीवास्तव (ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम) सहित अनेक वरिष्ठ शिक्षक एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताते हुए शिक्षक की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सेज यूनिवर्सिटी भोपाल की ओर से डॉ. आदित्य भट्ट, एस.आई.आर.टी., भोपाल से डॉ. प्रशांत स्वामी तथा सेज यूनिवर्सिटी इंदौर से भूपेंद्र पचौरी ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए सेज ग्रुप की शैक्षणिक दृष्टि और नवाचारों पर प्रकाश डाला। झांसी में रोहित नायक की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम में झांसी के नागरिकों एवं शिक्षा प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। इस शैक्षणिक पहल के अंतर्गत झांसी के 200 से अधिक शिक्षकों ने सक्रिय योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाया। सेज ग्रुप के सी.एम.डी. इंजीनियर संजीव अग्रवाल, प्रो-चांसलर डॉ. प्रशांत जैन एवं डॉ. सर्वेश शुक्ला ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी शिक्षकों को उनके समर्पण एवं योगदान के लिए बधाई दी। साथ ही उन्होंने अभिभावकों और विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है, और ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।