संगोष्ठी में अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को किया गया सम्मानित
दो दिवसीय राजकीय महाविद्यालय एकेडमिक सोसाइटी की संगोष्ठी संपन्न
प्रातःकाल एक्सप्रेस
प्रयागराज। राजकीय महाविद्यालय एकेडमिक सोसाइटी (उत्तर प्रदेश) की ओर से द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन आज विकसित भारत /2047 परंपरा परिवर्तन एवं कृत्रिम बुद्धिमता का समाहारष् विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। तृतीय एवं चतुर्थ तकनीकी सत्र में डॉ अरुण कुमार मौर्य समीक्षक और डॉ माधवन ने सत्र का संचालन किया। इसमें 10 शोध पत्र शोधार्थियों ने प्रस्तुत किया। इस सत्र के अध्यक्ष प्रो अशोक कुमार सिंह, सिंघानिया विश्वविद्यालय राजस्थान, मुख्य वक्ता योगी सत्यम क्रियायोग संस्थान प्रयागराज झूसी, विशिष्ट वक्ता प्रो नीतू सिंह, हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय महाविद्यालय नैनी, संदीप आनंद मनोविज्ञान विभाग इविवि प्रयागराज, प्रो आदेश कुमार विधि संकाय इविवि प्रयागराज, डॉ रामकृष्ण उपाध्याय, डॉ दीनानाथ मौर्या हिंदी विभाग एसो प्रो इविवि के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ ।
उच्च शिक्षा के सहायक निदेशक उच्च शिक्षा प्रो बीएल शर्मा ने क्रियायोग संस्थान से जुड़े अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों कनाडा की आद्या माता, ब्राजील से स्वामी भावानंद, आयरलैंड से सुरभि चक्रपाणि एवं यू एस से अमृता माता को सम्मानित किया।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि अगर हमें विकसित होना है तो उसके लिए स्वयं पर नियंत्रण एवं परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। हमें तकनीकी का गुलाम नहीं बनना है। क्योंकि तकनीकी हमारे लिए है, हम उसके लिए नहीं। हमें बुद्धिमत्तापूर्वक तथा अनुशासित रहते हुए टेक्नोलॉजी का प्रयोग करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर निदेशक प्रो. अमित भारद्वाज ने विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए सभी वर्ग द्वारा अपनी महती भूमिका के निर्वहन किए जाने पर बल दिया। दो दिवसीय संगोष्ठी की आख्या प्रो. अजीत कुमार सिंह सहायक निदेशक उच्च शिक्षा ने प्रस्तुत की, अतिथियों का स्वागत प्रो शशि कपूर तथा धन्यवाद प्रो बीएल शर्मा ने और संचालन डा. अमिता सिंह ने किया।
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