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सशस्त्र सीमा बल की 70वीं वाहिनी, लखीमपुर खीरी में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम

LAKHIMPUR KHERI NEWS: सशस्त्र सीमा बल की 70वीं वाहिनी, लखीमपुर खीरी में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम (Sexual Harassment at Workplace–POSH) विषय पर एक व्यापक एवं जागरूकता आधारित कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया । इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बल के सभी कार्मिकों को कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गरिमामय वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति जागरूक करना तथा लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम के दौरान विवेक तिवारी, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी, लखीमपुर खीरी ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अधिकारियों एवं बलकर्मियों को संबोधित किया। अपने विस्तृत व्याख्यान में उन्होंने कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की अवधारणा, इसके विभिन्न स्वरूपों, भारत सरकार द्वारा बनाए गए POSH अधिनियम के प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका तथा पीड़ित के अधिकारों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी । उन्होंने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि संगठन की अनुशासनात्मक मर्यादाओं के भी विरुद्ध है। उन्होंने सभी कार्मिकों से अपेक्षा की कि वे कार्यस्थल पर पारस्परिक सम्मान, संयम एवं मर्यादा का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की असंगत गतिविधि की जानकारी समय रहते संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाएं। कार्यशाला के दौरान उपस्थित कार्मिकों द्वारा विषय से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए, जिनका उत्तर तिवारी द्वारा सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से दिया गया। इससे कार्मिकों में विषय के प्रति स्पष्टता एवं जागरूकता का स्तर और अधिक सुदृढ़ हुआ। इस अवसर पर श्री राजू यादव, उप कमांडेंट, रूप लाल, सहायक कमांडेंट, 70वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, लखीमपुर खीरी सहित वाहिनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बलकर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इस प्रकार की कार्यशालाओं को बल की कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने एवं एक सकारात्मक वातावरण के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों द्वारा मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया गया। कार्यशाला का समापन सौहार्दपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में हुआ।