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पूजा में भाव की महत्ता होती है, प्रभु भक्त के भाव को देखते है: अरुण जी महाराज

KAUSHAMBI NEWS: नगर पंचायत अजुहा की नेता नगर मोहल्ले के टांडा रोड में आयोजित श्री राम कथा के पंचम दिन सीता राम विवाह के प्रसंग का वाचन हुआ। प्रसिद्ध कथा वाचक अरुण जी महाराज ने सीता स्वयंवर और प्रभु श्रीराम के धनुष उठाने वाले दृश्य का जीवंत वर्णन कर सभी को भाव विभोर कर दिया। अयोध्या से मिथिला तक बारात की यात्रा और मिथिला में बारात के आतिथ्य सत्कार पर भी कथा में चर्चा हुई। कथा वाचक अरुण जी महाराज ने कहा कि पूजा में भाव की महत्ता होती है, प्रभु भक्त के भाव को देखते हैं। यदि हम राम को पाना चाहते हैं तो वे हमें अनुराग से प्राप्त होंगे। प्रभु की छवि को ही मन में बसाना होगा। एक बार छवि मन में बस गई तो राम सब जगह दिखेंगे। राम-सीता वरमाला के समय पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु खुशी से झूम उठे। कथा वाचक ने आगे बताया कि भगवान भक्तों का सदैव उचित ही करते हैं। राम को यह पता है कि किसे किस वस्तु की आवश्यकता है, उनसे वह मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। लेकिन हमको इस बात पर विश्वास नहीं होता इसलिए हम उनसे उसे मांगने लगते है।यदि जीवन में कभी कुछ प्राप्त न हो रहा हो तो मांगने की वस्तु बदल कर देखना चाहिए।