PRATAPGARH NEWS: बाघराय क्षेत्र के नारंगपुर ग्राम सभा में आयोजित स्व. गोमती प्रसाद यादव पिता इंजीनियर शिव मूर्ति यादव की शोकसभा में बोलते हुए युवा नेता सुरेश यादव ने कहा कि “मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाएँ समाज के लिए अभिशाप हैं। इनसे परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से टूटता है। इन कुरीतियों के विरुद्ध लड़ाई केवल शिक्षा ही लड़ सकती है।” उन्होंने यादव समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि “हमारे पूर्वज इस देश के शासक रहे हैं। उन्होंने तलवार के बल पर शासन किया, लेकिन आज का समय बदल चुका है। आज समाज की तरक्की कलम की शक्ति से होगी। पढ़ाई, जागरूकता और एकता—यही आने वाले समय का असली आधार है।” सुरेश यादव ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने इतिहास से प्रेरणा लें, परंतु भविष्य को शिक्षा और संगठन के दम पर बनाएं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सामाजिक और शैक्षणिक चेतना बढ़ेगी, रूढ़िवाद और विभाजनकारी परम्पराएँ स्वतः समाप्त होती चली जाएँगी। कार्यक्रम कुर्मी महासभा की प्रेरणा से आयोजित किया गया था। सभा में पूर्व सांसद शिवकुमार पटेल, मुलायम सिंह यादव, प्रधान संजय यादव, अनुज कुलदीप यादव, मोनू यादव, राममूर्ति यादव, प्रिंसिपल साहब सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय गोमती प्रसाद यादव के जीवन, उनके सामाजिक योगदान और सरल स्वभाव को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।सभा के अंत में यह संकल्प लिया गया कि शिक्षा को प्राथमिकता देकर और समाज को एकजुट कर ही एक मजबूत, जागरूक और प्रगतिशील यादव समाज का निर्माण किया जा सकता है।







