Home उत्तर प्रदेश पत्रकार की अवैध गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों में फैला रोष

पत्रकार की अवैध गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों में फैला रोष

मोहम्मदी तहसील में पत्रकारों का धरना प्रदर्शन जारी
LAKHIMPUR KHERI NEWS: तहसील क्षेत्र में लगातार अवैध खनन की खबरें सामने आने के बीच इस जानकारी को उजागर करने वाले पत्रकार को गिरफ्तार किए जाने की घटना ने पूरे जिले में सनसनी मचा दी है। स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि अधिकारियों के संरक्षण में खनन की गतिविधियाँ जारी हैं, जबकि जो व्यक्ति इसे सामने लाया उसे ही हिरासत में ले लिया गया। सूत्रों के अनुसार, पत्रकार ने इलाके में चल रहे अवैध खनन की जानकारी प्रशासन को दी और राहुल राठौर मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार करने गए इसी दौरान जितेन्द्र सिंह कोतवाल पसगवां और अरुण कुमार तहसीलदार मोहम्मदी ने पत्रकार राहुल राठौर को गिरफ्तार कर धारा 151 में चालान कर तहसील लाया गया। पत्रकार के समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई पत्रकारों और आम जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश है। पत्रकार समुदाय इस गिरफ्तारी से बेहद आहत और गुस्से में है। पत्रकारों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। बार एसोशिएसन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह के नेतृत्व में अधिबक्ता भी शामिल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सूचना देने पर ही गिरफ्तारी लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि पत्रकार को तुरंत रिहा किया जाए और अवैध खनन पर रोक लगाई जाए। धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए और उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अवैध खनन की पृष्ठभूमि
मोहम्मदी तहसील क्षेत्र पिछले कुछ सालों से अवैध खनन की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन में कई बार अधिकारियों की मिलीभगत रही है, जिसके कारण यह गतिविधियाँ लंबे समय से चल रही हैं। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब खनन की शिकायतें लगातार प्रशासन तक पहुँच रही थीं।
घटना के बाद जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि, अब तक किसी भी अधिकारी ने इस गिरफ्तारी पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की तरफ से भी मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पत्रकारों को सजा देने की यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेस स्वतंत्रता पर बड़ा सवाल उठाती है। पत्रकारों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे समाज को सच सामने लाने से रोकने का प्रयास है। इस मामले ने जिले के प्रशासन, पत्रकार और नागरिकों के बीच भारी विवाद खड़ा कर दिया है। लोगों की निगाहें अब प्रशासन और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।