Home उत्तर प्रदेश सिख समाज सड़कों पर उतरा, एसडीएम कार्यालय का घेराव

सिख समाज सड़कों पर उतरा, एसडीएम कार्यालय का घेराव

आरोपियों की गिरफ्तारी और एसडीएम के तबादले की उठी तेज मांग
LAKHIMPUR KHERI NEWS: लुधौरी गांव में गुरुद्वारे के दो सेवादारों के साथ मारपीट और पगड़ी अपमान मामले को लेकर सिख समाज में उबाल है। आरोपियों को शांतिभंग में जमानत दिए जाने के विरोध में मंगलवार को सिख संगत बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरी और एसडीएम कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। और शांति पूण बैठ गए।सुबह से ही निघासन गुरुद्वारे में सिख समाज के लोग जुटने लगे थे। राष्ट्रीय सिख संगठन के अध्यक्ष जसवीर सिंह विर्क की अगुवाई में समुदाय ने रणनीति तैयार की। दोपहर होते-होते संगत शांतिपूर्ण मार्च निकालते हुए तहसील मुख्यालय पहुंची। यहां एसडीएम कार्यालय के सामने धरना शुरू होते ही प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई।सिख समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि दो सेवादारों की बेरहमी से पिटाई और पगड़ी के अपमान जैसे गंभीर मामले में आरोपियों पर कड़ी धारा लगाने के बजाय केवल शांतिभंग में चालान कर जमानत दे दी गई, जो न्याय के साथ खिलवाड़ है। इस दौरान एसडीएम राजीव निगम और सीओ शिवम कुमार की मौजूदगी में सिख नेताओं ने अधिकारियों से तीखे सवाल किए और पूरी घटना पर गहरी नाराजगी जताई।
धरने में मौजूद जसवीर सिंह विर्क और जसपाल सिंह पल्ला ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाता और एसडीएम का तत्काल तबादला नहीं होता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। यह पूरा मामला बीते शुक्रवार का है। जानकारी के अनुसार गोविंदपुर फार्म निवासी मनप्रीत सिंह और गुरविंदर सिंह बिरजापुरवा से श्री अखंड पाठ की सेवा कर लौट रहे थे। लुधौरी गांव में डॉ. निसार अहमद के घर के पास ही आरोप है कि लुधौरी निवासी अजय, विजय, अंकित, अखिलेश, अनुज, शिवम तथा बिहारीपुरवा निवासी सोनू और शुभम समेत करीब एक दर्जन युवकों ने दोनों को घेर लिया और बेल्ट व लाठी-डंडों से बर्बर पिटाई की। आरोपियों ने उनकी पगड़ी गिराकर अपमानित भी किया, जिससे सिख समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया। घटना के बाद से ही सिख संगठन लगातार सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन रविवार को एसडीएम द्वारा आरोपियों को जमानत देने के बाद मामला और भड़क उठा। इसी के विरोध में मंगलवार का यह प्रदर्शन किया गया।
धरने के दौरान सिख समाज ने अपनी दो मुख्य मांगें दोहराई
सभी आरोपियों को कठोर धारा में चालान कर जेल भेजा जाए।
एसडीएम राजीव निगम का तत्काल तबादला किया जाए।
प्रदर्शन के मद्देनज़र एसडीएम कार्यालय और तहसील परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके। देर शाम तक धरना जारी रहा, और सिख समुदाय ने साफ कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।