LAKHIMPUR KHERI NEWS: शारदा नदी के रखरखाव पर ध्यान न दिए जाने की समस्या से बाढ़ और कटाव जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं, जिससे तराई क्षेत्रों में हजारों एकड़ जमीन और कई गांवों का अस्तित्व खतरे में है। बनवसा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी उफान पर आ जाती है, जिससे घरों में जलभराव होता है और लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है।
मुख्य समस्याएं बाढ़ और जलभराव: पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण शारदा नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे तराई क्षेत्रों में बाढ़ आ जाती है और निचले इलाकों में जलभराव हो जाता है।
भूमि का कटाव: बाढ़ और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में समा गई है, जिससे लोगों की आजीविका पर संकट आ गया है। गांवों का अस्तित्व खतरे में: नदी के कटाव से कई गांव खाली हो गए हैं और कई अन्य अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। खराब बुनियादी ढांचा: नदी के उफान से शहर के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचता है। समाधान के उपाय नदी का नियमित रखरखाव: नदी के जलस्तर को नियंत्रित करने और कटाव को रोकने के लिए नदी के रखरखाव और तटबंधों का निर्माण और सुधार आवश्यक है।
जल प्रबंधन: बनवसा बैराज जैसे बांधों से पानी के प्रवाह को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने की आवश्यकता है। बाढ़ नियंत्रण: बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही उचित उपाय करने होंगे। इसमें ऊंचे स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शामिल है।
जन जागरूकता: लोगों को नदी की बाढ़ और कटाव से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना महत्वपूर्ण है।







