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रमुआपुर गांव में ‘सप्तशक्ति’ का जयघोष: शिक्षा, चिकित्सा और पर्यावरण की वीरांगनाएं सम्मानित

LAKHIMPUR KHERI NEWS: शनिवार को विद्या भारती विद्यालय,पण्डित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज (यू०पी० बोर्ड) के तत्वावधान में रमुआपुर (भगौतीपुर) गांव में ‘सप्तशक्ति संगम’ नामक एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का भव्य और सफल आयोजन किया गया। यह समारोह समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली मातृशक्ति के समर्पण और अदम्य साहस को समर्पित था। कार्यक्रम का प्रारम्भ हिमांशी श्रीवास्तव के प्रेरणादायी गीत से हुआ जिसने सभी महिलाओं मे उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्पिता वर्मा (समाजसेवी) ने की, जिन्होंने अपने सारगर्भित संबोधन में नारी की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजिका का दायित्व पिंकी वर्मा ने संभाला। पूरे कार्यक्रम का मनमोहक और सुचारु संचालन रुचि ने किया, जिन्होंने अपनी प्रभावी वाणी से समारोह में गरिमा और ओज का संचार किया। कोमल वर्मा ने अपने व्याख्यान में बल देकर कहा कि माता ही बच्चे की प्रथम गुरु होती है और एक सुसंस्कृत राष्ट्र का निर्माण घर से ही होता है। उन्होंने उपस्थित सभी महिलाओं को पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया।शिवाली वर्मा ने “नारी शक्ति और पर्यावरण संरक्षण” विषय पर बात की। उन्होंने प्रकृति और नारी के पोषणीय संबंध को उजागर करते हुए कहा कि जिस प्रकार माँ अपने परिवार की देखभाल करती है, उसी प्रकार महिलाओं को अपने आस-पास के पर्यावरण, जल और वृक्षों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव लाने का आह्वान किया।समारोह में समाज के लिए निःस्वार्थ भाव से कार्य करने वाली पाँच विभूतियों को ‘सप्तशक्ति’ के रूप में सम्मानित किया गया। जिनमें नीलम देवी को चिकित्सा के क्षेत्र में, सुमन वर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में, रोशनी वर्मा को पर्यावरण के क्षेत्र में, रामगुनी देवी को कुटुम्ब प्रबोधन के क्षेत्र में,किरन देवी को सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डिम्पी ने अपने अनुभव कथन में बताया कि यह कार्यक्रम केवल एक समारोह नहीं, बल्कि यह संदेश था कि अगर हम मिलकर समाज में योगदान दें, तो परिवर्तन निश्चित है। यह अनुभव मेरे मन में लंबे समय तक सकारात्मक ऊर्जा भरता रहेगा। शोभा देवी ने अपने अनुभव कथन मे बताया कि इस पूरे कार्यक्रम को देखकर लगा कि अगर देश की महिलाएं जागृत और सम्मानित हों, तो हमारा समाज स्वतः ही सुधर जाएगा। यह आयोजन युवा पीढ़ी के लिए एक अनमोल सीख है। पण्डित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज की आक्षा शुक्ला ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सशक्त नारी ही सशक्त समाज की रीढ़ है, और समाज के हर क्षेत्र में उनके योगदान को पहचानना और सम्मान देना हम सभी का कर्तव्य है।अंत में, ऋतु अवस्थी (जिला संयोजिका, सप्तशक्ति संगम) ने सभी उपस्थित बहनों को समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प कराया।