Home उत्तर प्रदेश वकीलों की सुरक्षा पर सरकार ने पहल न की तो होगा आन्दोलन

वकीलों की सुरक्षा पर सरकार ने पहल न की तो होगा आन्दोलन

कानपुर में अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा में संसद सत्र में विधेयक को लाये जाने की वकीलों ने उठाई आवाज
KANPUR NEWS: अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को लेकर वकीलों की आवाज शनिवार को कानपुर में सुरक्षा यात्रा के जरिये बुलन्द दिखी। विधेयक के समर्थन में लखनऊ से रायबरेली, उन्नाव होते हुए कानपुर पहुंची। अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा को लेकर अदालत परिसर में गर्मजोशी का माहौल दिखा। आल इण्डिया रूरल बार एसोसिएसन के बैनरतले प्रदर्शन कर अधिवक्ताओं ने संसद के आगामी सत्र में विधेयक पास कराए जाने की मांग को लेकर वकील लामबंद हुए दिखे। आल इण्डिया रूरल बार एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल एवं राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश की संयुक्त अगुवाई में अधिवक्ताओं ने मौलिक अधिकारों के तहत समानता के अधिकार व सुरक्षा विधेयक को लेकर संघर्ष का बिगुल बजाया। अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को लेकर परिसर में वकीलों ने बैनर तथा पोस्टर लहराते हुए नारेबाजी भी की। वहीं परिसर में विधेयक के मसौदे को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। कानपुर बार एसोसिएसन हॉल में अधिवक्ताओं की आमसभा को संबोधित करते हुए एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने कहा कि कई वर्षाे से अधिवक्ता सुरक्षा को लेकर वकील आन्दोलित हैं। इसके बावजूद भी केन्द्र व प्रदेश सरकार वकीलों की सुरक्षा के इस अहम मुददे पर पहल नही कर रही है। उन्होनें कहा कि यदि पहली दिसंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में अधिवक्ता सुरक्षा को लेकर विधेयक पेश नही किया जाता तब वकील संसद भवन के सामने घेराव व प्रदर्शन करेंगे। एसोसिएसन के राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश ने कहा कि अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को लेकर सरकारों की हठधर्मिता खत्म नहीं हुई तो प्रदेश का अधिवक्ता सड़क से लेकर हर फोरम पर संघर्ष की आवाज को और बुलन्द करेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता रामओंकार विश्वकर्मा व संचालन अनुज शुक्ला ने किया। संयोजन भानु प्रताप सिंह व अनिल कुमार दीक्षित ने किया। आम सभा को कानपुर बार एसोसिएसन के मंत्री वीरेन्द्र कुमार पासी, लायर्स कानपुर एसोसिएसन के अध्यक्ष दिनेश वर्मा, आलोक त्रिपाठी, राजीव यादव ने भी संबोधित करते हुए अधिवक्ता सुरक्षा के उठाये गये मुददों के समर्थन का ऐलान किया। इस मौके पर योगेन्द्र अवस्थी, शुभम भट्ट, विकास कुमार सिंह, पंकज गौड़, ओमप्रकाश पाल, अनिल विश्वकर्मा, दुर्गेश कुमार शुक्ला, विनीता गुप्ता, प्रतिपाल सिंह, प्रकाशचंद्र गुप्ता आदि अधिवक्ता रहे।