बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने किया आह्वान 10 नवंबर को हर जनपदवासी जलाए दीप, करे अपनी धरती को नमन
FATEHPUR NEWS: 10 नवंबर को फतेहपुर जनपद अपनी गौरवशाली यात्रा के 199वें स्थापना दिवस में प्रवेश करने जा रहा है। इस अवसर पर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने मेरी माटी मेरा तीर्थ जनजागरण अभियान की शुरुआत की है। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय बुंदेलखंडी, जो पर्यावरण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं, ने जनपदवासियों से अपील की है कि इस दिन को जिले के गौरव पर्व के रूप में मनाएं। उन्होंने कहा कि अपनी धरती को पहचानो, अपने जल तीर्थों को बचाओ — यही इस अभियान का संदेश है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास स्थित तालाब, झील, नदी, कुंआ जैसे जल स्रोतों पर दीप जलाएं, आरती करें और जल संरक्षण का संकल्प लें। प्रवीण पांडेय ने कहा कि हमारी असली पूजा अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में है — यही हमारी माटी का सम्मान है। उन्होंने बताया कि फतेहपुर जनपद की स्थापना 10 नवंबर 1826 को हुई थी। पहले मजिस्ट्रेट मिस्टर जॉर्ज अलमोनी और पहले जज मिस्टर जॉर्ज फ्रांसिस जून नियुक्त हुए थे। लगभग दो शताब्दियों के इतिहास के बावजूद यह दिन आज तक औपचारिक रूप से नहीं मनाया गया। उन्होंने जिलाधिकारी फतेहपुर से आग्रह किया है कि जिले के सभी ग्राम, नगर, पंचायतों और विद्यालयों में स्थापना दिवस मनाया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और धरोहर से जुड़ सके। साथ ही उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक, व्यापारी संगठनों, वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधियों, विद्यालयों और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से भी आह्वान किया है कि वे अपने-अपने कार्यालयों, संस्थानों और परिसरों में दीप प्रज्ज्वलन कर स्थापना दिवस मनाएं। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के इस अभियान का उद्देश्य लोगों में स्थानीय पहचान, पर्यावरण संरक्षण और ऐतिहासिक गौरव के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। 10 नवंबर को फतेहपुर की धरती पर जब दीप जलेंगे, तो यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपनी माटी और अपने तीर्थों के प्रति सम्मान का संकल्प होगा।







